" /> अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र पर भाजपा की दोहरी भूमिका -सुभाष देसाई

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र पर भाजपा की दोहरी भूमिका -सुभाष देसाई

उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र को मुंबई से गुजरात स्थानांतरित करने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और वित्त मंत्री सुधीर मुंगटीवार को जिम्मेदार ठहराया है। फडणवीस और मुनगंटीवार सत्ता में पिछले पांच वर्षों के दौरान चुप क्यों रहे, उन्होंने इस संबंध में केंद्र सरकार को एक भी पत्र क्यों नहीं भेजा? ऐसा सवाल देसाई ने किया।
उन्होंने कहा कि ‘मैंने मुंबई के बांद्रा-कुर्ला काम्प्लेक्स को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र बनाने के लिए कई बार कोशिश की है।’ वित्त सचिव, शहरी विकास सचिव और उद्योग सचिव की बैठकें भी ली। कैबिनेट की बैठक में भी इस मुद्दे को दो बार उठाने की कोशिश की लेकिन फडणवीस और सुधीर मुनगंटीवार ने इसकी अनदेखी की। जब केंद्र में भाजपा के नेता अपनी आंखें घुमा रहे थे, तब उक्त दोनों नेता चुप थे। वित्तीय केंद्र के लिए एमएमआरडीए से प्रस्तावित किया गया था। मैंने उसे दो एक्सटेंशन भी दिया थे लेकिन दिल्ली के नेता नाराज न हो जाएं इसलिए उक्त दोनों नेताओं के प्रस्ताव को नजरअंदाज किया और इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोलते थे। इससे उक्त नेताओं की दोहरी भूमिका स्पष्ट दिखाई देती है, ऐसा देसाई ने कहा। बुलेट ट्रेन के मुख्यालय के लिए बीकेसी में जगह न देकर किसी अन्य जगह पर देने की मांग पर अड़ा था लेकिन भाजपा नेताओं ने इसे नजरअंदाज किया, ऐसा देसाई ने कहा। मुंबई से वित्तीय केंद्र गांधीनगर ले जाकर महाराष्ट्र के साथ अन्याय किया गया है। परंतु फडणवीस और मुंगटीवार ने इसका एक बार भी विरोध नहीं किया। फिर भी हमने कोशिश करना नहीं छोड़ा। हम इस बात पर जोर देते रहेंगे कि केंद्र सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार करे और मुंबई को एक वाणिज्यिक केंद्र बनाए। इसके लिए केंद्र से मेरा आग्रह जारी रहेगा, ऐसा देसाई ने स्पष्ट किया।