अंधेरे में २१ वीं सदी के शहर का सब-वे

२१वीं सदी के शहर के रूप में पहचाने जानेवाले नई मुंबई शहर के चार सब-वे अंधेरे में हैं। शराबियों के चलते उक्त सब-वे पर अंधेरा छाया रहता है। यहां लगे सीसीटीवी वैâमरे और रोशनी के लिए लगी लाइट इन शराबियों ने अपने नशे के लिए चुराकर बेच डाले।
बता दें कि सायन-पनवेल महामार्ग पर नेरुल इलाके में चार सब-वे बनाए गए हैं। नेरुल एल.पी. के पास दो सब-वे, टाटा प्रेस के पास एक और उरण फाटा के पास एक ऐसे कुल चार सब-वे बनाए गए हैं। वर्षों से अधूरे पड़े इन सब-वे को नई मुंबई मनपा ने ४३ लाख रुपए खर्च कर पूरा किया। यहां सुरक्षा के लिए सीसीटीवी वैâमरे और बिजली की भी व्यवस्था की गई थी लेकिन वर्तमान चारों सब-वे में अंधेरा बना हुआ है। नेरुल एल.पी. के पास दोनों सब-वे में जहां हमेशा पानी भरा रहता है, वहीं उरण फाटा के सब-वे पर शराबियों का कब्जा हो गया है। गौरतलब हो कि नेरुल इलाका नई मुंबई का दूसरा सबसे बड़ा निवासी इलाका है। नेरुल एल.पी. परिसर में मुंबई, नई मुंबई मनपा की बसों के अलावा पुणे, बंगलुरू जानेवाली बसों के भी बस स्टॉप है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में यात्री उतरते हैं। महामार्ग होने के कारण यहां वाहनों की आवाजाही निरंतर लगी रहती है इसलिए एक छोर से दूसरी छोर पर जाने के लिए लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क पार करना पड़ता है क्योंकि सब-वे में छाए अंधेरे और बदहाली से लोग इन सब-वे में जाने से कतराते हैं।