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अंपायर बना गांव का उद्धारक

ये सच है कि जरूरत आदमी को कभी कभी महान बना देती है। जुगाड़ करते हुए कभी कभी वो कुछ ऐसा काम कर जाता है जो जन जन के लिए खुशहाली ले आता है। अब देखिए न, क्रिकेट के अंपायर ने गांव का उद्धार कर दिया। दरअसल, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) पैनल के हिंदुस्थानी अंपायर अनिल चौधरी को हिन्दुस्थान और दक्षिण अप्रâीका के बीच वनडे मैचों में अंपायरिंग करनी थी लेकिन सीरीज बीच में ही रोक दिए जाने के कारण वह १६ मार्च को अपने गांव डांगरोल आ गए थे। लॉकडाउन के दौरान वह उत्तर प्रदेश के शामली जिला स्थित अपने गांव में फंस गए जहां मोबाइल नेटवर्क न होने से वह किसी से भी संपर्क नहीं कर पा रहे थे। यहां तक कि वह आईसीसी की कार्यशालाओं में भी भाग नहीं ले पाए थे। उन्हें पेड़ पर चढ़कर मोबाईल से बात करनी पड़ी थी। इसके बाद चौधरी ने गांव में नेटवर्क सुधारने का बीड़ा उठाया और अब जाकर उन्हें इसमें सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि मेरे लिए ये परेशानी का सबब था। लॉक डाउन में गाँव में फंस गया था और नेटवर्क नहीं। तब अनिल चौधरी ने बीड़ा उठाया और इस गाँव में मोबाईल नेटवर्क की व्यवस्था ही दिलवा दी। जालंधर में एक निजी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत डॉ. सुभाष ने कहा कि अगर चौधरी इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाते तो यह समस्या ज्यों की त्यों बनी रहती। उन्होंने कहा, अंपायर साहब की मेहनत रंग लाई। अब मैं गांव से ही ऑनलाइन कक्षाएं ले पा रहा हूं।’