" /> अंबरनाथ के कोविड अस्पताल में हार रहा कोरोना, ८५ फीसदी मरीज हो रहे हैं स्वस्थ

अंबरनाथ के कोविड अस्पताल में हार रहा कोरोना, ८५ फीसदी मरीज हो रहे हैं स्वस्थ

एक तरफ जहां  पर अन्य शहरों में निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर कोरोना के मरीजों के साथ लूट-खसोट करने का आरोप लग रहा है, वहीं अंबरनाथ में नपा के द्वारा संचालित कोविड अस्पताल में निजी डॉक्टर समर्पित भाव से मरीजों की सेवा में जुटे हैं। इससे ८५ज्ञ् कोरोना के मरीज ठीक होकर बिना एक रुपया खर्च किये घर लौट रहे हैं। कोविड अस्पताल के मरीज अस्पताल की सुख-सुविधा की सराहना कर रहे हैं।
अंबरनाथ-पश्चिम में शिवसेना के नेता व पालकमंत्री एकनाथ शिंदे, सांसद डॉक्टर श्रीकांत शिंदे, विधायक डॉक्टर बालाजी किणीकर तथा शहरप्रमुख राजेंद्र वालेकर के प्रयासों से नपा के जांबुल परिसर के दांत महाविद्यालय में कोविड अस्पताल खोला गया। उस अस्पताल के टेबल, कुर्सी बिस्तर, फेन, ऑक्सीजन गैस, गर्म पानी  की मशीन जैसे तमाम साधन शहर की राजनीतिक हस्तियों एवं व्यापारियों द्वारा की गई है। मरीजों को पैक भोजन भी गरम दिया जाता है। इतना ही नहीं इस अस्पताल में डॉक्टर सेवा भी अंबरनाथ डॉक्टर एसोसिएशन के डॉक्टरों द्वारा दी जा रही है। कोविड अस्पताल में मरीजों के मनोरंजन के लिए कैरम, चेस, टीवी के अलावा कई साधन की व्यवस्था भी की गई है। अंबरनाथ नपा के मुख्याधिकारी डॉक्टर प्रशांत रसाल ने बताया कि कोविड अस्पताल को बेहतर बनाने व चलाने में प्रशासक जगतसिंह गिरासे, नोडल अधिकारी डॉक्टर नितिन राठौड़, स्वास्थ्य अधिकारी सुरेश पाटील का अच्छा सहयोग मिल रहा है।  अंबरनाथ डॉक्टरों के एसोसिएशन के १६९ निजी अस्पताल के डॉक्टरों में से १० डॉक्टर प्रतिदिन तीन शिफ्ट में सेवा दे रहे हैं। ७ सर्जन ऑन-कॉल उपलब्ध हैं, जो बुलाने पर हाजिर हो जाते हैं। केसी मित्तल आयुर्वेदिक महाविद्यालय व चिंचवड़ के लोकमान्य तिलक महाविद्यालय के ५६ डॉक्टर सेवा दे रहे हैं। अंबरनाथ के पदवीधर डॉक्टर भी सेवा देने में तत्पर हैं। डॉक्टरों के टीम इस समर्पण का ही नतीजा है कि ८५ज्ञ् लोग ठीक होकर घर लौट गए हैं। ७०० मरीजों के लिए यह अस्पताल बनाया गया है पर अभी फिलहाल ५०० मरीजों  को सेवा दी जा रही है। २०० ऑक्सीजन, ४ वेंटिलेटर की व्यवस्था है। शिवसेना नगरसेवक सुभाष सालुंखे ने मांग की है कि कोविड अस्पताल में  ५० ऐसे मरीजों की सेवा हो जो नान कोविड हों। अंबरनाथ नपा द्वारा संचालित इस अस्पताल की उपचार व प्रशासनिक व्यवस्था की सराहना की जा रही है।