अगस्ता वेस्टलैंड मामला: चार्जशीट हुई लीक, ईडी ने की जांच की मांग

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कल अगस्ता वेस्टलैंड मामले के पूरक आरोप-पत्र के मीडिया में लीक होने की जांच की मांग की है। ईडी ने कुछ समाचार संगठनों को नोटिस जारी करने की भी मांग की ताकि वह बताएं कि उन्हें आरोप-पत्र की प्रति कहां से मिली। इसके अलावा अदालत ने क्रिश्चियन मिशेल के व्यापारिक साझेदार एवं बिचौलिए डेविड निगेल जॉन सिम्स को मामले में आरोपी के तौर पर तलब किया।
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मिशेल की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया है। मिशेल ने एजेंसी पर मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। इससे पहले गुरुवार को जांच एजेंसी ने मिशेल के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दायर किया था। एजेंसी ने, धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत दायर अपने आरोपपत्र में कहा, ‘जब सौदा हो रहा था तब रक्षा अधिकारियों, नौकरशाहों, मीडियाकर्मियों और सत्तारूढ़ पार्टी के महत्वपूर्ण राजनीतिक व्यक्तियों को रिश्वत का एक हिस्सा दिया गया था।’ एजेंसी का आरोप है कि बजट पत्र के अनुसार, देश भर में वीवीआईपी की सवारी के लिए हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए सौदे को अगस्ता वेस्टलैंड के पक्ष में करने के लिए वायुसेना अधिकारियों, नौकरशाहों और राजनेताओं को तीन करोड़ यूरो का भुगतान किया गया था।’ गौरतलब हो कि फरवरी २०१० में यूपीए सरकार ने ब्रिटिश-इटैलियन कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के साथ वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की खरीद के लिए एक सौदा किया था। इस सौदे के तहत वायुसेना के लिए १२ हेलिकॉप्टर खरीदे जाने थे। इनमें से आठ का इस्तेमाल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआईपी हस्तियों की उड़ान के लिए किया जाना था। बाकी चार हेलिकॉप्टर एक साथ ३० एसपीजी कमांडो को ले ले जाने की क्षमता रखते थे। इस सौदे की कीमत ३६०० करोड़ रुपए तय हुई था।