" /> अदिति का विश्वास

अदिति का विश्वास

यूं हिंदुस्थान में फुटबॉल का भविष्य दिखता नहीं। मगर ऐसा है नहीं। मतलब सच ये है कि फुटबॉल यहां भी युवाओं को शिखर तक पहुंचा सकता है। अब यदि ये बात कोई फुटबॉल वाला ही कहे तो। जी हां, हिंदुस्थानी महिला फुटबॉल टीम की गोलकीपर अदिति चौहान का विश्वास है कि देश में फुटबॉल एक शानदार करियर की तरह होगा। उन्होंने कहा कि अगले साल फरवरी-मार्च में फीफा अंडर-१७ वर्ल्ड कप की मेजबानी करने से न सिर्फ देश में इस खेल को बढ़ावा मिलेगा बल्कि महिला फुटबॉल के बारे में जागरूकता लाने में भी मदद करेगा। भारत अगले साल फरवरी-मार्च में फीफा अंडर-१९ महिला वर्ल्ड की मेजबानी करेगा। इसके बाद वह २०२२ में एशिया कप की मेजबानी करेगा। अदिति ने इंस्टाग्राम लाइव चैट के दौरान कहा, `हमें इस बात की जरूरत है कि माता-पिता इस चीज को लेकर ज्यादा सतर्क रहते हैं कि आप खेलों में, खासकर फुटबॉल में क्या हासिल कर सकते हैं। ये (अंडर-१७ महिला वर्ल्ड कप) बहुत से लोगों की फिक्र को दूर करेगा। उन्होंने कहा, `हमें न केवल ऐसे खिलाड़ी मिलेंगे जो २०२२ एशियाई खेलों में देश को रिप्रेजेंट करेंगे बल्कि इससे उन माता-पिता की आंखें भी खुल जाएंगी जो अपनी बेटियों को खेलों में भेजने से पहले दो बार सोचते हैं। इसलिए, देश में जागरूकता लाने के संदर्भ में वर्ल्ड कप एक लंबा रास्ता तय करेगा।’ गोलकीपर ने कहा, `युवा फुटबॉलरों से मुझे अभी भी मैसेज मिलते हैं, जिसमें वे कहते हैं कि माता-पिता फुटबॉल खेलने में सपोर्ट नहीं करते हैं। अभी भी वो कलंक है। माता-पिता सोचते हैं कि फुटबॉल खेलने से क्या होगा।’ ऐसे आयोजन मानसिकता को बदल देंगे।