अधूरा नाम, जांच पर आंच आरोपियों, पालघर का विकास या अपराधीकरण?

छोटे-से-छोटा अपराध करने के बाद पुलिस अपराध करनेवाले सभी आरोपियों का पूरा-का-पूरा इतिहास अपने पास रखती है लेकिन मुंबई से लगकर लगातार विकसित हो रहे पालघर जिले के कई पुलिस थाने ऐसे हैं, जहां के फरार आरोपियों को खोजने में पुलिस विभाग परेशान है। पालघर जिले में ऐसे कई मामले हैं, जिनके आरोपियोेंं की तलाश पुलिस करती रहती है। पालघर जिले के ही नालासोपारा पुलिस थाने में पहले आरोपियों का पूरा नाम ही नहीं दर्ज होता था, जिसके कारण अब पुलिस में आए नए-नए कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एक आरटीआई में दी गई जानकारी के मुताबिक नालासोपारा पुलिस स्टेशन में दर्ज डवैâती, चोरी, हत्या, चीटिंग के कई मामलों में फरार आरोपियोेंं के नाम की भी जानकारी नालासोपारा पुलिस को नहीं है। यह जानकारी भी पुलिस विभाग ने एक आरटीआई में मांगे गए जवाब में दी है। बता दें कि नालासोपारा पुलिस थाने में दर्ज अपराध संख्या २००, ९२ धारा ३६० के तहत मामला दर्ज है, उसका नाम पुलिस में मात्र रवि कुमार लिखा है। पुलिस ने जो आरटीआई में जानकारी दी है उसमें लिखा है पूरा नाम पता नहीं? इसी तरह अपराध संख्या २६, ९३ धारा ३९५, ३७१ आरोपी है मुन्ना, जिसका नाम भी पुलिस को पता नहीं। अपराध संख्या ८, ९४ धारा ४५४, ३६० माली, कुर्ल्या का भी पूरा नाम पता नहीं? अपराध संख्या ३४, ९४ धारा ४५४, ४५७, ३६० में आरोपी का नाम है बालू पर पूरा नाम पता नहीं? अपराध संख्या ५०/९४ धारा ३७९ आरोपी रवि पूरा नाम पता नहीं? उसी मामले में अरुण नामक एक आरोपी है, जिसका नाम भी पुलिस को पता नहीं। अपराध संख्या ६७/९४, ८१/९४, १०८/९४ तीन-तीन मामलों में आरोपी बनाया गया उसका नाम मोगन मद्रासी लिखा है लेकिन पूरा नाम पता नहीं। हत्या के प्रयास का एक मामला दर्ज है ६६/९५ जिसमें आरोपी है संजय उर्फ जेम्स ३०७ का आरोपी है लेकिन नालासोपारा पुलिस को पूरा नाम मालूम नहीं है। इसी तरह अपराध संख्या १७/९६ धारा ३९५, ३९७ साई, अपराध संख्या ७९/९६ धारा ३९६ रॉय और विद्या, अपराध संख्या ६७/९६ धारा ११२/९६ धारा ३९२, ३४ शाहिद मोहम्मद, अपराध संख्या ६७/९६ धारा ४५७, ३६० अशोक, अपराध संख्या १९९/९६ धारा ३६७, ३७६ सफमा, अपराध संख्या ३३७/८९ धारा ३०२, १४७ से १४७ ड विरार पुलिस स्टेशन अल्या, अपराध संख्या ८५/९७ धारा का भी नाम पता नहीं है। यह हालात उन पुलिसवालों द्वारा पैदा की गई है, जो इन थानों में कार्यकाल समाप्त कर जा चुके हैं।
(क्रमश:)