" /> अध्यापकों की विशेष पहल मास्टर जी द्वार पर!, घर-घर जाकर विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं शिक्षक

अध्यापकों की विशेष पहल मास्टर जी द्वार पर!, घर-घर जाकर विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं शिक्षक

सुख-सुविधाओं से वंचित विद्यार्थियों के लिए शिक्षा घर-घर पहुंचाने की मुहिम अब पालघर जिले के गांव (दुर्गम) और पिछड़े इलाकों में शुरू की गई है। इस अभियान के तहत शिक्षक घर-घर जाकर विद्यार्थियों को शिक्षा मुहैया कराएंगे, जिसके कारण दुर्गम भागों में एक भी विद्यार्थी शिक्षा से वंचित नहीं रह पाएगा। इस अभियान से अभिभावक और विद्यार्थियों के मन में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।
२०० शिक्षकों ने उठाया बीड़ा
गौरतलब हो कि कोरोना महामारी के चलते स्कूल, कॉलेज और क्लासेस बंद होने के कारण विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए सरकार द्वारा निर्देश जारी किया गया था। पालघर जिले के ग्रामीण, दुर्गम और पिछड़े इलाकों के विद्यार्थियों के पास ऑनलाइन पढ़ाई करने की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। अभिभावकों के मन में बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता सता रही थी। ऐसे में इन विद्यार्थियों के लिए जिला परिषद स्कूलों के शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के घर-घर जाकर शिक्षा प्रदान करने का अभियान शुरू किया गया है। तलासरी तालुका के सभी स्कूलों के विद्यार्थियों के परिणाम काफी अच्छे थे और ये परिणाम कोरोना के कारण खराब न हों इसलिए शिक्षकों ने एकत्रित होकर इस परिस्थिति से लड़ने का निर्णय लिया है। तलासरी तालुका के लगभग १५४ जिला परिषद स्कूलों के २०० से अधिक शिक्षकों ने मिलकर विद्यार्थियों को उनके घर-घर जाकर पढ़ाने का निर्णय लिया है। शिक्षक विद्यार्थियों को १ जुलाई से उनके घर जाकर शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
हजारों विद्यार्थियों को लाभ
शिक्षकों ने अलग-अलग टीम बनाकर स्कूल के क्षेत्र में रहनेवाले विद्यार्थियों के घर जाकर शिक्षा देने की बात कही है। साथ ही एक स्वाध्याय पुस्तक तैयार की है। उसमें से शिक्षकों ने पाठों के अनुसार प्रश्नावली भी तैयार की है। इस पुस्तक के अनुसार शिक्षकों द्वारा स्कूल क्षेत्र में रहनेवाले दुर्गम और पिछड़े इलाकों के विद्यार्थियों को घर-घर जाकर दिन भर में ७ से ८ विद्यार्थियों को पढ़ाई कराई जा रही है। इस अभियान के तहत एक विद्यार्थी को लगभग ३० मिनट तक पढ़ाई कराई जा रही है। हजारों विद्यार्थियों को घर जाकर मुफ्त में शिक्षा दी रही है। शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा देने का मुख्य उद्देश्य सफल होता दिखाई दे रहा है।
बच्चों में उत्साह
विद्यार्थियों को घर पर शिक्षा मिलने से विद्यार्थियों में भी इसका उत्साह देखने को मिल रहा है। शिक्षकों का कहना है कि कई विद्यार्थी ऐसे भी हैं, जो स्वयं से यह स्वध्याय पुस्तक स्कूल से पढ़ाई करने के लिए ले जा रहे हैं। इस अभियान का लाभ विशेष तौर पर चौथी क्लास से आठवीं क्लास के विद्यार्थियों को मिल रहा है। वहीं पहली से तीसरी क्लास के विद्यार्थियों को अक्षरों की पढ़ाई करवाई जा रही है। शिक्षा से कोई वंचित न हो इसलिए शिक्षकों ने इस अभियान की शुरुआत की है। जिले के तलासरी तालुका की तरह अन्य तालुका में भी इसी अभियान के तहत शिक्षा दिए जाने की शुरुआत होती दिखाई दे रही है। विक्रमगढ़, वाड़ा, जव्हार, मोखाडा आदि जिले के दुर्गम भागों में शिक्षक विद्यार्थियों के घर-घर जाकर शिक्षा दे रहे हैं।