" /> अपनी नाकामी छुपाने के लिए  करवाया  गया विकास का  एनकाउंटर-ओमप्रकाश राजभर

अपनी नाकामी छुपाने के लिए  करवाया  गया विकास का  एनकाउंटर-ओमप्रकाश राजभर

सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व कैबबिनेट मिनिस्टर ओमप्रकाश राजभर ने दुर्दांत पराधी विकास दुबे के एनकाउंटर पर मौजूदा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वाराणसी पहुंचे ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि प्रवासी श्रमिक किसी भी राज्य का बार्डर नहीं क्रास कर पा रहे थे इतनी तगड़ी चेकिंग थी और ढाई लाख पुलिसकर्मी एक दुर्दांत अपराधी को प्रदेश से बाहर जाने में नहीं रोक सके। ओमप्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि सरकार ने अपनी नाकामी छुपाने के लिए यह कार्य करवाया है।

ओमप्रकाश राजभर ने विकास दुबे के एनकाउंटर की सुप्रीम कोर्ट के मौजूद जज से निष्पक्ष जांच कराये जाने की मांग की है।

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सरकार ने मिलकर ये एनकाउंटर अपनी नाकामी छुपाने के लिए की है। ये ड्रामेबाज़ी की तरह विकास दुबे का एनकाउंटर हुआ है। ये कानून को मानने वाले लोग नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विकास उज्जैन के मंदिर में 2 घंटे तक घूम रहा था। उसे एक प्राइवेट गार्ड ने देखा और फिर उसे हिरासत में लिया गया दो घंटे पूछताछ हुई फिर पुलिस उसे अपने साथ ले गयी।

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि इसके बाद तुरंत ही मध्य प्रदेश के गृहमंत्री का तुरंत बयान आता है कि पुलिस मुठभेड़ में खूंखार अपराधी विकास दुबे गिरफ्तार। इसका मतलब है कि वो विकास दुबे को पहले से जानते थे। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि 2017 विधानसभा चुनाव में गृहमंत्री मध्यप्रदेश डॉ नरोत्तम मिश्रा की कानपुर में ड्यूटी लगी थी। प्रभारी बनाये गए थे वो कानपुर चुनाव के, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
पूर्व कैबिनेट मिनिस्टर ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पुलिस की पीठ थपथपा रहे हैं कि बड़ी कामयाबी एमपी पुलिस को मिली है। उत्तर पदेश की सरकार तीन साल तक सरकार के इशारे पर पुलिस काम कर रही है और पुलिस के इशारे पर अपराधी को संरक्षण मिल रहा था, जिसका खुलासा डीआईजी एसटीएफ को हटाने के बाद ही हो गया था वो काफी दिनों तक कानपुर के एसएसपी रहे थे। इसके अलावा चौबेपुर थाने के 68 पुलिसकर्मियों को लाइनहाज़िर किया गया।

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि इस तरह से लखनऊ से लेकर कानपुर तक और उत्तर प्रदेश से लेकर मध्यप्रदेश तक कई लोग विकास दुबे के पकडे जाने के बाद फंस रहे थे। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद से उज्जैन गाड़ी से जाने में 12 घंटे का सफर है। वो कैसे पहुँच गया, जबकि आप के प्रदेश में प्रवासियों के आने की पाबंदी थी। प्रदेश की पुलिस उसे नहीं पकड़ पायी जबकि वो अकेला था। सरकार फेल हो गयी।
ओमप्रकाश राजभर ने आरोप लगाते हुए कहा कि विकास दुबे को सरकार का संरक्षण था। उज्जैन में गिरफ्तार हुआ तो ये लोग समझे कि वो बच जाएगा, लेकिन रात में उसने कई अहम राज़ खोलने शुरू किया इसपर उत्तर प्रदेश एसटीएफ वहां पहुंची और उसे लेकर उत्तर प्रदेश की तरफ रवाना हुई। उन्होंने कहा कि मानता हूं कि गाड़ी का एक्सीडेंट हुआ लेकिन एक दुर्दांत अपराधी आप की पिस्टल छीन लेता है आप का उससे झगड़ा या हाथापाई नहीं हुआ। यदि एक्सीडेंट हुआ तो उसमे से निकलने में वक्त लगा होगा तो उस वक़्त अन्य गाड़ियों में बैठे जवानों ने कवर क्यों नहीं किया।