" /> अपनी सरकार अपना बजट, सभी वर्गों का रखा गया है ध्यान, कृषि, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार पर विशेष ध्यान

अपनी सरकार अपना बजट, सभी वर्गों का रखा गया है ध्यान, कृषि, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बनी महाविकास आघाड़ी सरकार ने सौ दिन कल पूरे किए। इस सरकार को जनता अपनी सरकार भी मानती है। इसी दिन महाविकास आघाड़ी सरकार के उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री अजीत पवार ने वर्ष २०२०-२१ ऐतिहासिक आर्थिक बजट पेश किया। इस बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। बजट में कृषि, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार पर विशेष ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री अजीत पवार ने विधानसभा में और शंभुराज देसाई ने विधान परिषद में कल बजट पेश किया। राज्य की आर्थिक स्थिति इस प्रकार है। राज्य में राजस्व की प्राप्ति ३,४७,४५७ करोड़ है, राजस्व खर्च ३,५६,९६७.६० करोड़ और राजस्व घाटा ९,५१०.७१ करोड़ और कर्ज ५,२०,७१७ करोड़ रुपए है। पेट्रोल व डीजल के दामों में प्रतिलीटर एक रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है।

वरली में बनेगा पर्यटन संकुल
वरली को ए प्लस बनाने का संकल्प पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने किया था। कल पेश हुए आर्थिक बजट में यह संकल्पना साकार होती हुई दिखाई दे रही है। वित्त मंत्री अजीत पवार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वरली दुग्धालय की चौदह एकड़ जमीन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन संकुल बनाने की घोषणा की। वहीं मुंबई में देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आगामी पांच साल के लिए पांच सौ करोड़ रुपए की निधि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पहले पर्यटन विकास के विविध कामों के लिए २०१९-२० में सौ करोड़ रुपए दिया गया था। हाजीअली परिसर के विकास के लिए प्रारूप तैयार किया जाएगा। इसी तरह समुद्री तटों के पर्यटन का विकास करने के लिए केंद्र सरकार की तर्ज पर परियोजना के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। पर्यटन कारोबार के लिए कुशल मनुष्य बल उपलब्ध कराने के लिए कॉलेजों में पर्यटन व हॉस्पिटेलिटी पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसी तरह धार्मिक स्थलों, गढ़ और किलों को विकसित करने के लिए कारगर योजना बनाई गई है।

केंद्र से नहीं आ रहा है राज्य का हिस्सा
वित्त मंत्री अजीत पवार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि राज्य सरकार को जीएसटी की रकम समय पर नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण विकास कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। जीएसटी कानून २०१७ के अनुसार केंद्र सरकार से प्रति दो महीने में राज्य सरकार का हिस्सा दिया जाना चाहिए, जो केंद्र सरकार नहीं दे रही है। समय पर निधि उपलब्ध नहीं होने से कई समस्याएं निर्माण हो रही हैं।

मेट्रो के लिए रु. १,६५७ करोड़
राज्य में मेट्रो परियोजनाओं के लिए वर्ष २०२०-२१ में १,६५७ करोड़ रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे। इसी प्रकार वसई, ठाणे, कल्याण इस जलमार्ग मीरा-भाइंदर से डोंबिवली तक प्रवास यातायात शुरू करने के लिए ८६ करोड़ रुपए की बजट में मंजूरी दी गई है। सागरमाला कार्यक्रम अंतर्गत जल यातायात के लिए कुलाबा स्थित रेडियो क्लब के पास जेट्टी का निर्माण कार्य करने के लिए पचास करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सागरमाला कार्यक्रम के अंतर्गत वसई, भाइंदर, खारवाडेश्वरी, मनोरी, घोडबंदर, नारंगी, मालवण, बोरीवली, गोराई और आंबडवे में रो-रो सेवा के लिए जेट्टी बनाने का काम प्रगतिपथ पर है। इसके लिए इस वित्तीय वर्ष में ६५ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बंदरगाह के विकास के लिए २७६ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

बालासाहेब ठाकरे स्मृति मातोश्री ग्राम पंचायत निर्माण कार्य योजना पर बल
राज्य की कुल २८,००६ ग्राम पंचायतों में से तकरीबन ४,२५२ ग्राम पंचायतों के खुद के कार्यालय के लिए इमारत नहीं है। १,०७४ ग्राम पंचायतों की इमारत के लिए इस वित्तीय वर्ष में १५० करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव है। राज्य की सभी ग्राम पंचायतों का वर्ष २०२४ तक खुद का कार्यालय होगा। इसके लिए राज्य सरकार निधि उपलब्ध कराएगी। इस वित्त वर्ष में सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग के लिए १०, ६५० करोड़, नगरविकास विभाग के लिए ६ हजार २५ करोड़ और ग्राम विकास विभाग के लिए ५ हजार ८८७ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

एसटी बसों के लिए रु. ४०१ करोड़
राज्य सरकार ने एसटी महामंडल की पुरानी बसों को बदलकर १,६०० नई बसें खरीदने का पैâसला किया है, साथ ही महामंडल के बस अड्डों को अत्याधुनिक बनाने के लिए ४०१ करोड़ रुपए का प्रावधान बजट में किया गया है।

मुंबई, बंगलुरु कॉरिडोर के लिए `४ हजार करोड़ का प्रावधान
मुंबई-दिल्ली औद्योगिक कॉरिडोर की तर्ज पर मुंबई बंगलुरु आर्थिक कॉरिडोर के अंतर्गत सातारा जिले में एमआईडीसी विकसित करने की मंशा सरकार की है। इसका फायदा सांगली, सोलापुर को भी होगा। इस परियोजना के लिए ४ हजार करोड़ रुपए खर्च अपेक्षित हैं।

नई मुंबई में महाराष्ट्र भवन
राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से लोग अपने काम के सिलसिले में मुंबई में आते रहते हैं। उनके रहने की व्यवस्था हो सके इसलिए नई मुंबई के वाशी में आरक्षित भूखंड पर सिडको की ओर से महाराष्ट्र भवन का निर्माण किया जाएगा। इस तरह मुंबई में राज्य उत्पादन शुल्क भवन को बनाने के लिए इस वित्तीय वर्ष में १७.५० करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मराठी भाषा के विकास, प्रचार और प्रसार के लिए मुंबई में मराठी भाषा भवन बनाने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार वडाला में वस्तु व सेवाकर भवन बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए इस वित्तीय वर्ष में ११८.१६ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

शिवभोजन योजना के लिए रु. १५० करोड़ का प्रावधान
शिवसेनापक्षप्रमुख व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की महत्वाकांक्षी शिवभोजन योजना के तहत छह महापालिका क्षेत्रों में प्रायोगिक तौर पर दस रुपए में भरपेट भोजन जरूरतमंदों को दिया जा रहा है। इन केंद्रों पर प्रतिदिन ५०० लोगों को भोजन दिया जाता है, इस योजना का विस्तार करके प्रतिदिन १ लाख थाली करने के लिए बजट में १५० करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

अल्पसंख्यकों के लिए रु.५५० करोड़
महाविकास आघाड़ी सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए दिल खोलकर बजट में प्रावधान किया है। तत्कालीन भाजपा सरकार ने केवल ३५० करोड़ रुपए का प्रावधान किया था। वहीं महाविकास आघाड़ी सरकार ने ५५० करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इसके लिए मौलाना आजाद मुफ्त शिक्षा व अन्य योजना, डॉ. जाकिर हुसैन मदरसा आधुनिकीकरण योजना, ग्रामीण क्षेत्र विकास योजना, महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक छात्रों को छात्रवृत्ति, खेलकूद, सरकारी नौकरी के लिए प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा, छात्रावास में भोजन की सुविधा इत्यादि के लिए उक्त राशि का प्रावधान किया गया है।

किसान कर्ज माफी के लिए रु. २२ हजार करोड़
महात्मा ज्योतिराव फुले किसान कर्जमुक्ति योजना के तहत २२ हजार करोड़ रुपए का प्रावधान बजट में किया गया है। २०१५ से २०१९ के बीच और दिनांक ३० सितंबर, २०१९ तक किसानों के दो लाख रुपए तक इस योजना के तहत कर्ज माफ किए जाएंगे। वर्ष २०१९ के लिए १५ हजार करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए हैं। इसी प्रकार २०२०-२१ के लिए ७ हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, इस प्रकार कुल २२ हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
अब किसानों के खाते में कर्ज की राशि जमा करने की कार्यवाही शुरू है। इस योजना के अंतर्गत अब तक ९ हजार ३५ करोड़ रुपए ३ लाख ८८ हजार ८५४ किसानों के खाते में कर्जमाफी की राशि जमा की गई है। बाकी बचे किसानों के खाते में खरीफ फसल से पहले यह कर्ज राशि की रकम जमा कर दी जाएगी।

विधायकों की विकास निधि बढ़ी
महाविकास आघाड़ी सरकार ने विधायकों की विकास निधि में बढ़ोत्तरी कर दी है। अब विधायकों को दो करोड़ की बजाए तीन करोड़ रुपए सालाना आवंटित किए जाएंगे। वर्ष २०११ में विधायकों की विकास निधि डेढ़ करोड़ रुपए बढ़ाकर दो करोड़ रुपए की गई थी। विधायक स्थानीय विकास निधि की रकम में सालाना दस प्रतिशत राशि सरकारी संपत्ति की देखभाल और मरम्मत कार्य के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है।

तृतीय पंथियों के विकास के लिए रु. ५ करोड़
राज्य सरकार ने तृतीय पंथियों के विकास और कल्याण के लिए एक मंडल स्थापित करने का निर्णय लिया है, इसके लिए पांच करोड़ रुपए की निधि का प्रावधान किया है।
महिलाओं और बच्चों के लिए स्वतंत्र बजट
राज्य सरकार ने पहली बार महिलाओं और बच्चों के लिए जेंडर एंड चाइल्ड बजट पेश किया है। इसके माध्यम से महिलाओं, बच्चों और तृतीय पंथियों की कल्याणकारी योजनाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। महिला अत्याचार पर अंकुश लगाने के लिए प्रत्येक पुलिस जिला मुख्यालय में एक महिला पुलिस स्टेशन बनाया जाएगा। इस पुलिस स्टेशन के सभी अधिकारी व कर्मचारी महिला होंगी। महिलाओं की शिकायत की जांच विशेष महिला पथक करेगा। इसी प्रकार अन्य क्षेत्रों का भी बजट में प्रावधान किया गया है।

खोले जाएंगे आदर्श स्कूल
राज्य सरकार ने सभी स्कूलों को आदर्श स्कूल के रूप में विकसित करने का पैâसला किया है। आगामी चार वर्ष में हर तहसील में कम-से-कम चार आदर्श स्कूल बनाए जाएंगे। इस प्रकार पूरे राज्य में कुल पंद्रह सौ अत्याधुनिक आदर्श स्कूल अस्तित्व में आएंगे। इसके लिए पांच हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। रयत शिक्षा संस्था के लिए ११ करोड़ रुपए अनुदान दिया जाएगा। तहसील स्तर पर खेल संकुल की अनुदान मर्यादा १ करोड़ रुपए से बढ़ाकर ५ करोड़ कर दी गई। इसी तरह जिला स्तर पर क्रीड़ा संकुल अनुदान की मर्यादा २५ करोड़ रुपए और विभागीय स्तर पर क्रीड़ा संकुल की अनुदान मर्यादा २४ करोड़ से बढ़ाकर ५० करोड़ रुपए कर दी गई है।
पुणे में छत्रपति क्रीड़ा संकुल, म्हालुंगे बालेवाड़ी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल विश्वविद्यालय खोलने के लिए निधि उपलब्ध कराई जाएगी। खिलाड़ियों के लिए ओलिंपिक भवन बनाने का प्रस्ताव, कुश्ती, कबड्डी और वॉलीबॉल प्रतियोगिता की अनुदान राशि ५० लाख से बढ़ाकर ७५ लाख रुपए कर दी गई है। इस वित्तीय वर्ष में स्कूली शिक्षा और क्रीड़ा के कार्यक्रमों के लिए २ हजार ५२५ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के लिए रु. ५ हजार करोड़
राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के लिए ५ हजार करोड़ रुपए और मेडिकल शिक्षा के लिए २ हजार ५ सौ करोड़ रुपए का बजट का प्रबंध किया जाएगा। राज्य में ११ जिला अस्पताल, २१ महिला अस्पताल, २१ उपजिला अस्पताल, ६०३ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और ६,१०५ उपकेंद्रों की कमी है, यह कमी योजनाबद्ध कार्यक्रम के तहत आगामी पांच वर्षों में दूर की जाएगी।
इस वर्ष १०२ क्रमांक की ५०० नई एंबुलेंस खरीदने के लिए २५ करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान किया गया है। महात्मा ज्योतिबा फुले योजना के अंतर्गत अस्पतालों की संख्या ४९३ से बढ़ाकर १००० कर दी गई है। इस योजना के लिए इस वित्तीय वर्ष के लिए ५१५ करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।