" /> अपराध के साथ ही भ्रष्टाचार रोकने में भी फिसड्डी साबित हो रही यूपी सरकार!

अपराध के साथ ही भ्रष्टाचार रोकने में भी फिसड्डी साबित हो रही यूपी सरकार!

अपराध नियंत्रण में फिसड्डी होती उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार रोकने में भी फिसड्डी साबित हो रही है। प्रतापगढ़ जिले में पुलिस थाने में भ्रष्टाचार के खुलासे का अभी 24 घंटा नहीं बीत पाया कि सिपाही भर्ती के दौरान प्रयागराज पुलिस लाइन में भ्रष्टाचार का नया मामला पकड़ा गया। इससे पहले इन्हीं 24 घंटों में कोरोना उपकरणों और मेडिसिन की खरीद में कई जिलों में भ्रष्टाचार का प्रकरण का भी खुलासा हुआ था।

ताजा प्रकरण सिपाही भर्ती 2018 के अभ्यर्थियों को मेडिकल परीक्षा में पास कराने के लिए घूस मांगने के मामले ने एक और धब्बा लगा दिया। सोमवार को प्रयागराज में भ्रष्टाचार का खुलासा होने पर पुलिस भर्ती बोर्ड ने एक पुलिसकर्मी और अज्ञात डॉक्टरों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस आरोपी पुलिसकर्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इस खेल में डॉक्टरों की मिलीभगत भी सामने आई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। राजापुर निवासी राघवेंद्र त्रिपाठी 2018 सिपाही भर्ती का अभ्यर्थी है। सोमवार को पुलिस लाइन में उसका मेडिकल परीक्षण होना था।

बताया जा रहा है कि चेकअप के दौरान राघवेंद्र को डॉक्टरों ने कहा कि उसका पैर चपटा है। वह फिजिकली फिट नहीं है। इतना बताते हुए उसे बाहर कर दिया गया। इस दौरान पीटीआई के सिपाही बृजेंद्र सिंह परिहार उसे मिला और कहा कि वह मेडिकल परीक्षण में उसे पास करा देगा। दोपहर में उसे झांसा देकर 20-20 हजार करके 40000 रुपया वसूल किया। पैसा देने के बाद अभ्यर्थी राघवेंद्र त्रिपाठी दोबारा मेडिकल बोर्ड पहुंचा तो वहां पर विवाद हो गया। राघवेंद्र ने खुलासा किया कि उसने पास होने के लिए पैसा दिया है। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अफसरों ने इसकी जांच कराई तो पता चला कि राघवेंद्र त्रिपाठी का पैर ठीक है। घूस लेने की बात सामने आने पर पुलिस ने आरोपी सिपाही बृजेंद्र सिंह परिहार को हिरासत में ले लिया। आरोपी 42 वीं बटालियन पीएसी का सिपाही है। वर्तमान में पुलिस लाइन में रहकर वह अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग दे रहा है।जांच के बाद भर्ती बोर्ड के सदस्य दरोगा बृजेश बहादुर सिंह ने पीटीआई सिपाही बृजेंद्र सिंह परिहार और अज्ञात डॉक्टरों के खिलाफ 40000 रुपया घूस लेने के आरोप में कर्नलगंज थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया। इस मुकदमे की विवेचना सीओ कर्नलगंज को सौंपी गई है।