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अफवाओं के बीच फिर इकट्ठा हुई बांद्रा में भीड़

अफवाहों के बीच आज बांद्रा (पूर्व) स्थित बांद्रा टर्मिनस के बाहर हजारों की तादाद में एक बार फिर श्रमिक मजदूर गांव जाने के लिए पहुंच गए। मजदूर बांद्रा टर्मिनस के 500 मीटर दूरी पर आकर गांव जाने के लिए इकट्ठा हुए थे। हालांकि प्रवासी मजदूरों को पुलिस द्वारा समझाने के बाद वापस भेज दिया गया।
जानकारी के मुताबिक पश्चिम रेलवे के बांद्रा टर्मिनस से पूर्णिया के लिए 12 बजे के करीब एक ट्रेन पंजीकृत मजदूरों को लेकर रवाना होनेवाली थी लेकिन सुबह से ही बांद्रा टर्मिनस से करीब 500 मीटर की दूरी पर प्रवासियों की भीड़ जमा होने लगी। धीरे-धीरे दोपहर तक हजारों की संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई। एक अनुमान के मुताबिक करीब 4,000 प्रवासी जिन्होंने उस दिन की ट्रेन से गांव जाने के लिए पंजीकरण नहीं करवाया था, वे भी पहुंच गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इस घटना पर पश्चिम रेलवे जनसंपर्क विभाग ने एक बयान जारी कर बताया कि 19 मई को बांद्रा टर्मिनस से पूर्णिया के लिए उन यात्रियों के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गई थी, जिन्होंने राज्य प्रशासन के अंतर्गत अपना पंजीकरण करवाया था लेकिन कई मजदूर जिन्होंने पंजीकरण नहीं करवाया था और जिन्हें राज्य प्रशासन ने फोन कर नहीं बुलाया था, वे लोग भी गांव जाने के लिए बांद्रा (पूर्व) स्थित 18 नंबर गेट के पास पुलिया के नीचे इकट्ठा हो गए और वहां से प्रवासी मजदूरों की भीड़ बांद्रा टर्मिनस पहुंच गई। हालांकि अधिकृत यात्रियों की जांच कर उन्हें स्टेशन परिसर में जाने की इजाजत दी गई। करीब 12 बजे 1,700 यात्रियों को लेकर ट्रेन अपने गंतव्य स्थान के लिए रवाना हो गई। उसके बाद इकट्ठा हुई भीड़ को पुलिस ने समझाकर वापस भेज दिया।

बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी
बांद्रा (पूर्व) में पहुंचे मजदूरों का गुस्सा बिहार सरकार के खिलाफ साफ झलक रहा था। बिहार के लिए पर्याप्त मात्रा में ट्रेन चलाने के लिए परमिशन दिए जाने से जमा हुई मजदूरों की भीड़ बिहार सरकार के खिलाफ ‘हाय हाय’ के नारे लगा रही थी।