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अब अतिथि शिक्षकों की भी लगेगी मूल्यांकन में ड्यूटी

बिहार में शिक्षकों की हड़ताल से लगातार इंटर का मूल्यांकन प्रभावित हो रहा है ऐसे में शिक्षा विभाग और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के लिए समय पर रिजल्ट प्रकाशित करना बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में शिक्षा विभाग अब हड़ताली शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई अभियान तेज कर दी है साथ ही मूल्यांकन में तेजी लाने के लिए अब अतिथि शिक्षकों को भी ड्यूटी लगाने का निर्णय ले लिया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने सभी जिलों के डीएम और डीईओ को पत्र जारी कर आदेश दिया है. इस पत्र में कहा गया है कि जल्द प्लस २ स्कूलों और कॉलेजों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए पत्र जारी कर उनकी प्रतिनियुक्ति मूल्यांकन केंद्रों पर करें.

सरकार देगी पारिश्रमिक
मूल्यांकन में भागीदारी निभाने के एवज में अतिथि शिक्षकों को बतौर सरकार पारिश्रमिक देगी. उल्लेखनीय है कि राज्य के १२६ केंद्रों पर इंटर की कॉपियों का मूल्यांकन चल रहा है और नियोजित शिक्षकों की हड़ताल की वजह से हाई और प्लस २ के नियोजित शिक्षकों की संख्या कम है वहीं काफी संख्या में प्रारंभिक स्कूल के नियोजित शिक्षकों ने भी मूल्यांकन में योगदान नहीं दिया है. ऐसे में वित्त रहित और स्थायी शिक्षकों के सहारे किसी तरह कॉपी जांच चल रही है.

बिना ट्रेनिंग के प्रतिनियुक्ति

प्रारंभिक स्कूल के स्थायी शिक्षकों को बगैर ट्रेनिंग दिए एमपीपी के लिए प्रतिनियुक्त कर दिया गया है. माध्यमिक शिक्षक संघ के नेता अभिषेक कुमार ने सरकार के इस फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए कहा है कि बिहार बोर्ड की नियमावली में अंकित है कि कम से कम मूल्यांकन के लिए ३ वर्ष का अनुभव जरूरी है।