" /> अब आगरा जाना नहीं, मथुरा में ठिकाना नहीं, मंझधार में फंसे चिकित्साकर्मी

अब आगरा जाना नहीं, मथुरा में ठिकाना नहीं, मंझधार में फंसे चिकित्साकर्मी

आगरा के रहनेवाले मथुरा में तैनात चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मचारी लॉकडाउन के दौरान मंझधार में फंस गए हैं। लॉकडाउन के दौरान भी आगरा अपडाउन कर रहे इन स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई थी और सीएमओ ने जिला मुख्यालय छोड़ने पर नोटिस जारी किया था।

आगरा जानेवाले चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के पास मथुरा में रुकने का कोई ठिकाना नहीं है। आगरा अब जा नहीं सकते। ये कर्मचारी दिनभर रुकने की वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने में जुटे रहे। हालांकि अब इस मामले में कोई अधिकारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है।

मथुरा के सीएमओ कार्यालय में तैनात चिकित्सक और कर्मचारियों के साथ ही जिला अस्पताल, संयुक्त जिला अस्पताल वृंदावन, महिला जिला अस्पताल के अलावा बलदेव सहित कई सीएचसी पर तैनात चिकित्सक, स्टाफ नर्स एवं वॉर्ड ब्वाय आगरा में रहकर मथुरा अपनी ड्यूटी करने के लिए आते हैं।

चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर सवाल
पहले मामला दबा रहा लेकिन आगरा में लगातार कोरोना पॉजिटिव केस आने के बाद मथुरा ड्यूटी करने आ रहे चिकित्सकों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिलाधिकारी के कड़े रुख के बाद सीएमओ ने सभी को नोटिस जारी कर सभी को मथुरा रहने के आदेश दिए। कई चिकित्सकों को मंगलवार और बुधवार को नोटिस मिल भी गए।
सीएमएस डॉ. आरएस मौर्य ने बताया कि आगरा में रहनेवाले चिकित्सकों को हमने नोटिस जारी करते हुए उन्हें मथुरा में ही रहने के आदेश दिए हैं। कई डॉक्टरों के सामने यहां रहने और खाने की समस्या सामने आ रही है। चिकित्सक अपने निवास के लिए स्थान भी खोज रहे हैं। जल्द ही अधिकारियों के आदेशों का पालन कराया जाएगा।

आगरा में करते हैं प्राइवेट प्रैक्टिस
सरकार से वेतन लेकर मथुरा में नौकरी करनेवाले कई चिकित्सक आगरा में प्राइवेट प्रैक्टिस भी करते हैं। जानकारी के अनुसार कई चिकित्सक मथुरा अपनी ड्यूटी करने के बाद शाम को आगरा के या तो अपने घर पर प्रैक्टिस कर रहे हैं या फिर निजी अस्पतालों में सेवाएं देते हैं।