" /> अब आवाज बताएगी कोरोना है या नहीं!

अब आवाज बताएगी कोरोना है या नहीं!

कोरोना का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक व डॉक्टर परेशान हैं। समय रहते बीमारी का पता चलने पर इलाज में आसानी होती है। इसके लिए नई-नई जांच तकनीक पर प्रयोग किए जा रहे हैं। रैपिड टेस्ट किट व आरटीपीसीआर से टेस्ट किए जा रहे हैं। अब वैज्ञानिक एक नई तकनीक पर काम कर रहे हैं। यह है इंसान की आवाज। अब अगर यह खोज काम कर जाती है तो फिर इंसान की आवाज बताएगी कि उसे कोराना है या नहीं!
मिली जानकारी के अनुसार अब आवाज से कोरोना टेस्ट की तैयारी की जा रही है। इससे मिनटों में नतीजे आ जाएंगे और पता चल जाएगा कि कोरोना है या नहीं! खबर के अनुसार भारत और इजरायल ने मिलकर चार नए टेस्ट के तरीकों पर काम किया है। इन टेस्ट के तरीकों की टेस्टिंग भारत में ही होगी। अगर तरीके सफल हुए तो भारत में ही ये टेस्ट किट बनाई जाएंगी और दोनों देश इसकी मार्वेâटिंग करेंगे। टेस्ट के इन तरीकों में आवाज और सांस तक से कोरोना का पता लगाने की तकनीक है। इसमें आवाज का ऑनलाइन टेस्ट किया जाता है। पूरा रोल आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का है। टेस्ट शख्स की आवाज की रिकॉर्डिंग को एनलाइज करता है। देखता है कि उसमें क्या कुछ बदलाव हैं। इससे उसके रेसपिरेटरी सिस्टम के बारे में पता चल जाता है। इसमें टेराहर्ट्ज की मदद से टेस्ट होता है। टीएचजेड वेव से वायरस का पता लगाया जाता है। इसमें एक उपकरण में शख्स की सांस का सैंपल लिया जाता है। फिर आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से उसकी जांच होती है। यह एक बायोकेमिकल टेस्टिंग है। इसमें थूक या लार के सैंपल की जांच से वायरस का पता चलता है। इसके लिए बनी किट काफी सस्ती बताई जाती है, जिसका नतीजा भी सिर्फ ३० मिनट में आ जाता है। नतीजों के लिए केमिकल रिएक्शन के लिए सैंपल को ६० डिग्री तक गर्म किया जाता है। इसके अलावा एसिड की मदद से भी कोरोना टेस्टिंग होगी। पोलीअमीनो एसिड से बायोकेमिकल तरीके से कोरोना टेस्ट होता है। इसमें थूक में मौजूद कोरोना वायरस प्रोटीन की जानकारी मिलती है। अगर सभी उपकरण हों तो कुछ ही मिनटों में कोरोना जांच हो जाती है।