" /> अब यूपी में कोरोना विकराल रूप दिखाने लगा है, सरकार के दावों से भी बेचौनी कम नहीं हो रही!

अब यूपी में कोरोना विकराल रूप दिखाने लगा है, सरकार के दावों से भी बेचौनी कम नहीं हो रही!

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की भयावह रूप लेता जा रहा है। सरकारी दावों की बात छोड़ दें तो राजधानी लखनऊ में कोरोना रोगियों को न तो आशानी से भर्ती हो पा रही है और न तो मरने के बाद आसानी से उनकी अंत्येष्टि हो पा रही है। कोरोना का भयावह रूप तब बनता जा रहा है जब सरकार रोज टेस्टिंग बढ़ा रहे हैं, एक लाख से ज्यादा बेड का दावा कर रही है। कोरेन्टीन सेंटरों में भर्ती लोग प्रतिदिन दुर्व्यवस्था की शिकायत कर रहे हैं, नये कोरोना रोगियों का लगातार कीर्तिमान बन रहा है, लेकिन सरकार की उपलब्धि का दावा कुछ यूं है। शुक्रवार को तो कोरोना ने अपना विकराल रूप दिखाते हुए सारे पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। प्रदेश में पहली बार 4000 से अधिक संक्रमण के मामले दर्ज हुए हैं।फिर भी उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि बीते 24 घंटे में 4453 नए मामले सामने आए हैं। यह अब तक की सर्वाधिक संख्या है। 4453 नए मामलों के साथ प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या अब 85 हजार 261 हो गई है। इसमें से 48 हजार 663 लोग इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। राज्य में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 34 हजार 968 हो गई है। वहीं कोविड-19 की चपेट में आकर जान गंवाने वालों की संख्या अब 1630 हो गई है।उन्होंने बताया कि हम लगातार बड़ी संख्या में टेस्टिंग कर रहे हैं। गुरुवार को राज्य में 1 लाख 15 हजार 618 सैंपल्स की जांच हुई। यह एक दिन में जांच की अब तक की सर्वाधिक संख्या है। उत्तर प्रदेश में अब तक कुल 23 लाख 25 हजार 428 सैंपल्स की जांच हो चुकी है। उन्होंने बताया कि कल 5 सैंपल के 3358 पूल लगाए गए जिसमें से 531 में पॉजिटिविटी पाई गई और 10 सैंपल के 302 पूल लगाए गए जिसमें से 30 में पॉजिटिविटी पाई गई। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि हमारी मेडिकल टीमें लगातार सर्विलांस का काम कर रही हैं। अभी तक 40 हजार 823 इलाकों का सर्विलांस का काम पूरा हो चुका है। इनमें 1 करोड़ 47 लाख 08 हजार 791 घर हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी तक 7 करोड़ 44 लाख 89 हजार 777 लोग सर्विलांस के दायरे में आ चुके हैं।