…अब रुलाएगी प्याज

राज्य में महंगाई की मार झेल रही जनता को अब प्याज (कांदा) रुलाएगी क्योंकि राज्य में कई भागों में संतोषजनक बरसात न होने के कारण प्याज के उत्पादन में कमी आई है, जिसके कारण प्याज का भाव क्रमश: बढ़ना शुरू हो गया है। पिछले १० दिनों में प्याज की दरों में थोक बाजारों में ५ से ६ रुपए प्रतिकिलो बढ़ोत्तरी हुई है। थोक बाजार में प्याज के दामों में बढ़ोत्तरी होने पर फुटकर बाजार में प्याज की कीमत पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। मुलुंड से घाटकोपर क्षेत्र में २५ से २८ रुपए प्रतिकिलो प्याज बेची जा रही है। इसी प्रकार दादर, गोरेगांव आदि भागों में प्याज का भाव ३५ से ५० रुपए प्रतिकिलो है। प्याज के साथ अन्य सब्जियों, फलों आदि के भाव भी बढ़ने की संभावना विक्रेताओं ने व्यक्त की है। थोक बाजार से पुरानी प्याज समाप्त हो रही है। नई प्याज का उत्पादन संतोषजनक न होने के कारण प्याज का दाम बढ़ रहा है। प्याज को भारी पैमाने पर व्यापारी रख नहीं सकते क्योंकि मौसम के फेरबदल के कारण प्याज के सड़ने आदि का खतरा रहता है। मौसम में गड़बड़ी हुई तो प्याज खराब हो सकती है इसलिए व्यापारी जोखिम नहीं उठाना चाहते, यह बात कांदा-बटाटा संघ के पा.स. मोहिते ने कही। बाजार में प्याज दिखाई दे रही है, जो पिछले साल गोदाम में रखी हुई प्याज है। अभी बाजार में जो प्याज उपलब्ध है उसकी क्वालिटी अच्छी नहीं है। राज्य के कई भागों में पड़े अकाल का प्रभाव दिखाई देने लगा है। नई मुंबई के बाजार समिति में प्याज की आवक घटी है। १५ दिन पहले बाजार समिति में ८० से ९० गाड़ियों की आवक प्रतिदिन होती थी। अब वह आवक घटकर ५० से ६० गाड़ियों तक हो गई है। दूसरी तरफ प्याज उत्पादकों की पुरानी प्याज सड़ने की राह पर है। बारिश के अभाव में प्याज का उत्पादन घटने की संभावना है इसलिए दिवाली तक प्याज का भाव आसमान छुएगा। यानी पेट्रोल-डीजल के बाद अब प्याज लोगों को रुलाएगी।