अभिनय मेरा पहला प्रेम है-किशोरी शहाणे-विज

सिनेमा, धारावाहिक और स्टेज शो के जरिए अपने अभिनय का जलवा बिखेरने वाली अभिनेत्रियों में शुमार हैं किशोरी शहाणे। इन दिनों किशोरी कलर्स के धारावाहिक ‘इश्क में मर जावां’ के लिए चर्चा में हैं। पेश है किशोरी शहाणे से पूजा सामंत की बातचीत के प्रमुख अंश…
इन दिनों ‘इश्क में मर जावां’ की बड़ी चर्चा है?
इस धारावाहिक में मेरे किरदार का कोई विशिष्ट नाम नहीं है। लेकिन मेरी पहचान ‘मौसी’ के रूप में है। मैं इसमें अभिनय को एंजॉय कर रही हूं। इसका एक खास कारण भी है। मुझे मौसी का किरदार मजेदार और दिलचस्प लगा। मौसी का किरदार बिन पेंदी का लोटा की तरह है! कभी इधर लुढ़के तो कभी उधर लुढ़के! मौसी की नीयत भी कुछ ऐसी ही है।
सुना है, आप पढ़ाई में काफी तेज थीं?
हम ३ बहने हैं। पढ़ने के साथ हम एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में भी बढ़चढ़कर हिस्सा लेती थीं। मां का भी अनुशासन था। मैंने क्लासिकल डांस सीखा। मैंने अपनी पढ़ाई मिठीबाई कॉलेज से की। जहां मैं कॉलेज क्वीन के रूप में सिलेक्ट हुई। मैं जब १६ वर्ष की थी मुझे मेनलीड अभिनेत्री का मौका मिला मराठी फिल्म में। उस फिल्म का नाम था ‘माहेरची साडी’ इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के उस दौर के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। मशहूर मराठी नाटक ‘मोरुचि मावशी’ के अनगिनत शोज हुए। मेरा फिल्म-टीवी और प्लेज का करियर आगे बढ़ रहा है। आज सोचती हूं यदि अभिनेत्री नहीं बनती तो चार्टर्ड एकाउंटेंट जरूर बनती।
आपके परिवार में कोई अभिनय से संबंधित तो नहीं था फिर अभिनय की तरफ रुझान कैसे हुआ?
मेरी मां बहुत अच्छी कथक नृत्यांगना रह चुकी हैं। मेरे पापा को कॉलेज के दिनों में कल्चरल फेस्टिवल्स में हिस्सा लेना अच्छा लगता था। मम्मी-पापा का कल्चरल फेस्टिवल्स में हिस्सा लेना हम बहनों को विरासत में मिला। हम घर में शौकिया तौर पर कुछ नाटक, डांस वगैरह परफॉर्म करते थे और ऑडियंस में हमारे पेरेंट्स हमें दाद दिया करते थे। यह बात अलग है कि सिर्फ मैं ही अभिनय में आई हूं।
आप मिसेस ग्लैडरैग का ताज जीत चुकी हैं?
ग्लैडरैग्ज में हिस्सा लेने से पहले मुझे लगता था कि इस तरह की सौंदर्य प्रतियोगिताएं न्यू कमर्स के लिए होती हैं। इसीलिए मैंने ध्यान नहीं दिया। ग्लैडरैग्जस स्पर्धा से पहले मैं हिंदी फिल्म और प्लेज कर चुकी थी। मराठी फिल्मों में मुझे सुपर स्टार माना जाता था। इस प्रतियोगिता के बारे में मेरे पति निर्माता दीपक बलराज विज ने सुना तो मुझे बहुत प्रोत्साहित किया और उनके कहने पर ही मैंने हिस्सा लिया और खिताब जीता।
आपने मराठी फिल्म का निर्माण और निर्देशन कायम नहीं रखा?
सुपर स्टार सुबोध भावे की ‘मोहित्याची रेणुका’ फिल्म का मैंने निर्माण-निर्देशन किया था। मेरी इस फिल्म को महाराष्ट्र स्टेट अवार्ड भी मिला था लेकिन अगर मैं निर्माण और निर्देशन करती हूं तो मैं अभिनय नहीं कर पाऊंगी। अभिनय मेरा पहला प्रेम है। दो नावों पर सवार नहीं हो पाई। हां, वैसे मेरे पति का प्रोडक्शन हाउस चल ही रहा है।
आपका बेटा बॉबी भी अभिनय में डेब्यू करने जा रहा है ?’
बॉबी अभिनय, डांस के स्किल्स सीखा है। उम्मीद है उसे अच्छे मौके मिलेंगे लेकिन बॉबी का हार्डवर्क, अभिनय और किस्मत भी मायने रखती है।