अमीरों की मुंबई दिल्ली से गरीब

हिंदुस्थान की ५८ फीसदी दौलत पर १ फीसदी हिंदुस्थानियों का कब्जा है। पिछले साल दावोस स्थित एक गैर सरकारी संस्था द्वारा किए गए अध्ययन में यह सत्य सामने आया था। संस्था ने दावा किया था कि हिंदुस्थान के सिर्पâ एक फीसदी अमीरों के पास वर्ष २०१५-१६ में सृजित कुल संपदा का ७३ फीसदी हिस्सा है। अब जानकारी सामने आई है कि देश में सबसे ज्यादा अमीर व संपन्न दिल्ली-एनसीआर इलाके में रहते हैं अर्थात देश की आर्थिक राजधानी कही जानेवाली मुंबई अमीरी में दिल्ली से गरीब है।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे २०१५-२०१६ की रिपोर्ट के अनुसार देश में ज्यादातर संपन्न लोग महानगरों में बसते हैं। इसी तरह पश्चिम भारत, पूर्वी भारत से ज्यादा संपन्न है। देश के एक चौथाई संपन्न लोग सिर्फ छह महानगरों और उसके आस-पास के इलाके में बसते हैं। इनमें से ११ फीसदी लोग अकेले दिल्ली एनसीआर में रहते हैं। यानी देश में सबसे ज्यादा संपन्न लोग राजधानी और एनसीआर में रहते हैं जबकि दिल्ली के बाद व्यावसायिक राजधानी मुंबई का नंबर आता है, जहां सबसे ज्यादा संपन्न लोग रहते हैं। इस सूची में पुणे भी है जहां मुंबई की तरह ही दिल्ली के बाद सबसे ज्यादा अमीर लोग हैं। मुंबई-पुणे के बाद चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता और बंगलुरु के लोग सबसे ज्यादा संपन्न लोगों में शुमार हुए हैं। आंकड़ों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में अमीर आबादी ५४ फीसदी है जबकि राजधानी और आसपास के क्षेत्र में गरीब २.६१ फीसदी हैं। मुंबई-पुणे में अमीर- ४१.३४ फीसदी और गरीब- २.०८ फीसदी जबकि हैदराबाद में अमीरों की संख्या ४०.१३ प्रतिशत तक पहुंच चुकी है जबकि गरीब लोग १.४७ प्रतिशत हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे २०१५-२०१६ के मुताबिक ये सर्वे छह लाख से ज्यादा लोगों के घरों पर मौजूद सुख-सुविधा की चीजें और रोजाना होनेवाली आय पर आधारित है।