" /> अमेठी में बैरीकेडिंग तोड़ कांग्रेस दफ्तर में जा घुसे भाजपाई, मामला किसानों की जमीन वापसी का

अमेठी में बैरीकेडिंग तोड़ कांग्रेस दफ्तर में जा घुसे भाजपाई, मामला किसानों की जमीन वापसी का

राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अमेठी में बुद्धवार को भाजपा और कांग्रेस के मध्य जमकर घमासान हुआ। मुद्दा था कांग्रेसराज में स्थापित सम्राट साइकिल फैक्ट्री के लिए किसानों से ली गई जमीन वापसी का। किसानों को न तो मुआवजा मिला और न ही फैक्टरी में नौकरी। उल्टे फैक्ट्री भी बन्द हो गई। किसानों के हालात पर पसीजी भाजपा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस को इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के दफ्तर की ओर कूच कर दिया। अमेठी के जिला मुख्यालय गौरीगंज में भाजपाइयों को रोकने में पुलिस के पसीने छूट गए। भाजपाई बैरिकेडिंग तोड़ कर दफ्तर में दाखिल हो गए। कांग्रेसियों से सीधी मुठभेड़ और झड़प भी हुई। अंततः पुलिस अधिकारियों के बीचबचाव पर कांग्रेस दफ्तर में किसानों की जमीन वापसी की चेतावनी का पोस्टर चिपका कर ही भाजपाई माने। पुलिस को मामला शांत कराने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
‘राजीव गांधी के प्रयास से खुली थी सम्राट साइकिल फैक्ट्री’
अमेठी के भाजपा नेता प्रदीप सिंह थौरी बताते हैं कि सन १९८३ में तत्कालीन क्षेत्रीय सांसद राजीव गांधी के प्रयास से किसानों की जमीन लेकर गौरीगंज में सम्राट साइकिल फैक्टरी लगाई गई थी। इसके लिए किसानों से जमीन ली गई।उन्हें नौकरी व मुआवजे का आश्वासन भी दिया गया। पर वो फैक्ट्री बाद में बंद हो गई। किसानों को कुछ न मिला। आज भी गांधी परिवार के करीबियों के कब्जे में वो भूखंड है।