अयोध्या कांड की सुनवाई हुई ‘दोगुनी’, पिछली बार ३०, इस बार ६० सेकेंड

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई हुई। पिछली बार सुप्रीम कोर्ट ने मात्र ३० सेकेंड में अगली तारीख दे दी थी जबकि इस बार उसने यह निर्णय लेने में दोगुना ६० सेकेंड लगाए। अब गुरुवार १० जनवरी को अगली सुनवाई होगी। १० जनवरी को मामला सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की स्पेशल बेंच के सामने जाएगा। ६ या ७ जनवरी को इस बेंच में शामिल जजों के नाम का एलान कर दिया जाएगा। जस्टिस दीपक मिश्रा के रिटायर होने के बाद इस मामले में सुनवाई के लिए कोई विशेष पीठ नहीं थी।
सीजेआई ने कहा कि इस मामले की सुनवाई के लिए एक रेग्युलर बेंच बनेगी, जो १० जनवरी को इस मामले में आगे के आदेश पारित करेगी। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने वकील हरिनाथ राम की तरफ से दाखिल की गई उस पीआईएल को भी खारिज कर दिया है, जिसमें अयोध्या विवाद की रोजाना सुनवाई की मांग की गई थी। सीजेआई के सामने जब मामला आया तो उन्होंने सिर्फ ६० सेकेंड में १० जनवरी को सुनवाई की बात कही। अब इस मामले की सुनवाई के लिए तीन जजों की बेंच का गठन होगा। चीफ जस्टिस एडमिनिस्ट्रेटिव साइड में बेंच का गठन करते हैं। पहले अयोध्या मामले की सुनवाई तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाईवाली तीन जजों की बेंच कर रही थी। जस्टिस दीपक मिश्रा के रिटायरमेंट के बाद यह मामला मौजूदा चीफ जस्टिस की अगुवाईवाली बेंच के सामने लिस्ट हुआ था।