" /> अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्य प्रणाली से संतों में नाराजगी

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्य प्रणाली से संतों में नाराजगी

– संतों ने रामलला का भव्य और विशाल मंदिर बनाने की मांग की
– संतों ने एक लिखित पत्र के माध्यम से केंद्र व प्रदेश सरकार के साथ ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को अपनी समस्या से अवगत कराया
– विधायक वेदप्रकाश गुप्ता को संतों ने अयोध्या धाम संत सभा निर्णय पत्र सौपा, उन्होंने संतों की समस्याओं को पीएम नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्य प्रणाली से संतों में नाराजगी है। संतों का आरोप है कि संतों की राय ट्रस्ट नहीं ले रहा है। राम मंदिर आंदोलन से जुड़े संतों का सम्मान भी ट्रस्ट नहीं कर रहा है। वहीं संतों ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ भगवान राम के तीनों भाइयों की स्मृतियों को भी संजोने की मांग की है। संतों ने एक लिखित पत्र के माध्यम से केंद्र व प्रदेश सरकार के साथ ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को अपनी समस्या से अवगत कराया है। संतों ने रामलला का भव्य और विशाल मंदिर बनाने की मांग की है। संतों का कहना है कि हिंदू परिषद के मॉडल के अनुरूप बननेवाले मंदिर का आकार अपेक्षाकृत छोटा है, जिसे और बड़ा करने की आवश्यकता है। अपनी मांग को लेकर अयोध्या के संतों ने दिगंबर अखाड़ा में लगातार दूसरी बार बैठक की है। रविवार को दूसरे दिन हुई बैठक में अयोध्या विधायक वेदप्रकाश गुप्ता भी पहुंचे। वेदप्रकाश गुप्ता को संतों ने अयोध्या धाम संत सभा निर्णय-पत्र सौंपा है। उन्होंने संतों की समस्याओं को पीएम नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।

विधायक वेदप्रकाश गुप्ता नाराज संतों के पक्ष में अश्वावासन देते नजर आए, जिसके बाद बैठक समाप्त हुई और संतों ने अपनी मांगों से संबंधित एक लिखित पत्र विधायक को सौंपा।

संतों की ओर से कहा जा रहा है कि राममंदिर आंदोलन से जुड़े संतों का ट्रस्ट सम्मान नहीं कर रहा है। मंदिर निर्माण को लेकर उनसे राय नहीं ली जा रही है। वहीं दूसरी ओर संतों के एक गुट को ट्रस्ट में स्थान न मिलने से भी नाराजगी है। संतों ने अयोध्या में भव्य और दिव्य मंदिर निर्माण के साथ भगवान राम के तीनों भाइयों के इतिहास को भी संजोने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि राम मंदिर निर्माण के साथ भगवान राम के भाइयों भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न की स्मृतियों को युगों तक अंधकार में न छोड़ा जाए। अयोध्या में राम मंदिर मार्ग के साथ उनकी स्मृतियों को भी संजोने का उपक्रम होना चाहिए। संतों ने अपनी मांगों से संबंधित पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन, जिलाधिकारी अयोध्या, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा को लिखा है। पत्र में भगवान राम के भाई भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न की जन्मभूमि को इतिहास और पुराणों के अनुरूप प्रमाणों के अनुसार पुनरुद्धार और निर्माण कराने की मांग की है। अयोध्या विधायक वेदप्रकाश गुप्ता ने कहा है कि संतों की भावना को पीएम नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाएंगे। पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्रस्ट की घोषणा करते समय संसद में कहा था कि अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण होगा और संत समाज भी यही चाहता है।