अलगाववादी परजीवी

आतंकवादी संगठन ‘अलकायदा’ के नेता अल जवाहिरी ने कश्मीर मामले को लेकर हिंदुस्थान को धमकी दी है, वहीं दूसरी ओर कश्मीरी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने अपने पाकिस्तान प्रेम की बांग दी है। अल जवाहिरी ने कश्मीर में आतंकवाद पैâलाने का संदेश सोशल मीडिया पर जारी किया है और सैयद गिलानी का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो में ये महाशय ‘हम पाकिस्तानी हैं और पाकिस्तान हमारा है’, ऐसा जहर उगल रहे हैं। इस्लामी आतंकवादी संगठन और उनके सरदार हों या उनके लिए जम्मू-कश्मीर में बिलबिलानेवाले अलगाववादी हों, ये सभी एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। अलकायदा और अन्य आतंकवादी संगठन ये देश के खुले शत्रु हैं। हालांकि गिलानी, आसिया अंद्राबी, बिलाल लोन, मीरवाइज उमर फारुख और अन्य अलगाववादी नेताओं का भी पाकिस्तान प्रेम समय-समय पर हिलोरे मारता रहता है। गिलानी का ये वीडियो कश्मीर के किस क्षेत्र का और कब का है यह अभी तक पता नहीं चल पाया है। लेकिन उसकी अपेक्षा गिलानी द्वारा छोड़ी गई हरी फुंफकार गंभीर है। पाकिस्तानी राष्ट्रगीत गाकर चर्चा में आई ‘दुख्तरान-ए-मिल्लत’ संगठन की अलगाववादी महिला नेता आसिया अंद्राबी का घर आतंकवादियों को आर्थिक मदद करने के कारण ‘सील’ कर दिया जाता है। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल कहते हैं कि अलगाववादी नेता केंद्र सरकार से चर्चा करने को तैयार हैं और उसी दौरान गिलानी का यह वीडियो वायरल होता है। इसका मतलब साफ है। जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि ६ महीने बढ़ाने की मंजूरी संसद में गत सप्ताह ही दी गई। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों पर कार्रवाई, ऐसे संगठनों, उनके नेताओं और पाक समर्थित आतंकवाद के विरोध में कड़े कदम उठाए हैं। इसके बावजूद गिलानी जैसा नेता पाकिस्तान प्रेम की फुंफकार मारता है। पाकिस्तान के प्रति इतना ही प्रेम जागा हो तो वो अपना पिछवाड़ा हिलाए और पाकिस्तान जाकर रहे। हिंदुस्थान सरकार की सभी सुविधाओं का लाभ लेते रहना और हिंदुस्थान द्रोह की बात करना। दूसरी ओर कश्मीर की कमर तोड़कर पाकिस्तानियों की मदद करते रहना। अपने बच्चों की शिक्षा और नौकरी विदेश में करवाना और कश्मीर के युवक-युवतियों को हिंदुस्थान द्वेष से भड़काना। हमारे सैनिकों पर फेंकने के लिए उनके हाथों में पत्थर देना। अपने बच्चों का जीवन संवारना और कश्मीरी युवकों का बिगाड़ना। कश्मीर के अलगाववादी नेताओं का कई वर्षों से यही धंधा शुरू है। इस्लामी आतंकवादी और कश्मीर के अलगाववादी, इन दोनों का ‘उद्देश्य’ कश्मीर का टुकड़ा पाकिस्तान के गले में डालना है। उसके लिए एक ओर जिहाद का आतंकवाद और दूसरी ओर गिलानी जैसों के अलगाववाद को पाला-पोसा जाता है। इन सभी को पाकिस्तान की ओर से किस प्रकार बहुत सारा पैसा दिया जाता है, यह फिलहाल जेल में बंद आसिया अंद्राबी नामक महिला नेता ने कबूल किया है। सैयद गिलानी जैसे नेताओं के पाकिस्तान प्रेम का अंकुर भी इसीलिए फूट रहा होगा। कश्मीर जैसे नंदनवन में ये अलगाववादी परजीवी हैं। उनकी आर्थिक नाकेबंदी करके या उनकी नसें दबाकर कुछ नहीं होगा, उनकी पूरी सफाई करनी ही होगी।