" /> अलविदा बासु दा!

अलविदा बासु दा!

फिल्म निर्देशक और लेखक बासु चटर्जी का ९० साल की उम्र में सुबह ८.३० बजे नींद में निधन हो गया है। मुम्बई के सांताक्रूज स्थित उनके घर पर निधन हो गया। बासु दा एक लम्बे समय से बीमार चल रहे थे और उन्हें पहले से ही डायबीटीज व हाई ब्लड प्रशर संबंधी बीमारी थी। ७० व ८० के दशक में हिंदी सिनेमा को वास्तविकता के धरातल लाने की कोशिशों के दौरान बासु दा ने चित्तचोर, रजनी, बातों बातों में, उस पार, छोटी सी बात, खट्टा-मीठा, पिया का घर, चक्रव्यूह, शौकीन, रुका हुआ फैसला, जीना यहां, प्रियतमा, स्वामी, अपने पराये, एक रुका हुआ फैसला जैसी कई फिल्मों का निर्देशन किया और हिंदी सिनेमा की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान कायम की। इनके अलावा उन्होंने कम चर्चित रहीं फिल्में रत्नदीप, सफेद झूठ, मनपसंद, हमारी बहू अलका, कमला की मौत, त्रियाचरित्र भी बनाई।बासु दा १९६९ में आई अपनी फिल्म सारा आकाश के जरिए फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। फिल्म सारा आकाश के निर्देशन से पहले बासु दा ने १९६६ में रिलीज हुई राज कपूर और वहीदा रहमान स्टारर फिल्म तीसरी कसम के निर्देशक बासु भट्टाचार्य के सहायक के तौर पर काम किया। उल्लेखनीय है कि बासु दा ने अपने करियर की शुरुआत एक इलस्ट्रेटर और कार्टूनिस्ट के तौर पर एक साप्ताहिक अखबार से की थी। बाद में वो फिल्मों की ओर मुड़ गए।