" /> अवध में बरसात व ओलावृष्टि से किसान तबाह • हजारों हेक्टेयर दलहन-तिलहन की फसलें नष्ट

अवध में बरसात व ओलावृष्टि से किसान तबाह • हजारों हेक्टेयर दलहन-तिलहन की फसलें नष्ट

पूर्वी उत्तरप्रदेश के अवध क्षेत्र में तीन दिन से रह-रह कर हो रही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने हजारों हेक्टेयर दलहनी व तिलहनी फसलों को बर्बाद कर दिया है। जिससे मझोले और छोटे किसान तबाह हो उठे हैं। वहीं मौसम की बेरुखी अभी भी बनी हुई है।
गुरुवार से ही मौसम ने पलटा खाया। दोपहर के बाद अचानक बसंत ऋतु का मिजाज बदलने लगा। पहले धूप-छांव का खेल और फिर गरज-कड़क के साथ तेज बरसात होने लगी। सुल्तानपुर,अमेठी, प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, बस्ती, संतकबीरनगर व सिद्धार्थनगर तक गरज के साथ बरसते बादलों ने दलहनी फसलों मटर,चना व तिलहनी फसलों सरसों-तिल-अलसी आदि को पूरी तरह पस्त कर दिया। लगभग पक चुकी या पकने की कगार पर पहुंच चुकी इन फसलों के खेतमें लोट जाने से किसानों को बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। एक अनुमान के मुताबिक प्रत्येक जिले में हजारों एकड़ दलहन व तिलहन की फसलें बारिश की चपेट में आ चुकी हैं। वहीं नरेन्द्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ शशांक शेखर सिंह कहते हैं मौसम में अचानक आये परिवर्तन ने किसानों को बड़ी आर्थिक चोट पहुंचाई है। जबकि अभी भी बारिश का अंदेशा कायम है। आगे भी दो दिन बरसात की आशंका है। उधर, प्रदेश का कृषि विभाग राजस्वकर्मियों के सहयोग से किसानों के हुए नुकसान का आंकड़ा जुटाने में लग गया है।