" /> अवध में बरसे ओले ,  फसल बर्बाद किसान तबाह

अवध में बरसे ओले ,  फसल बर्बाद किसान तबाह

◆रात से बारिश व ओलावृष्टि का दौर, दलहन-तिलहन व गेहूं की फसल चौपट

यूपी के पूर्वांचल में दशकों बाद मार्च महीने की बरसात और ओलावृष्टि ने किसानों को बर्बादी के कगार पर खड़ा कर दिया है। शुक्रवार की भोर में मौसम बिगड़ा। साफ आसमान की जगह अचानक गरजते बादलों ने ले ली।..और फिर तूफानी हवाओं के साथ बरसात वह भी ओलों की ! करीब १५ मिनट फ्रीस्टाइल में जमकर ओले बरसे। छतों और टिन शेडों पर ऐसी तड़तड़ाहट.. कि लोग जाग गए। पेड़-पौधों की पत्तियां तक झर गईं। बौर झर जाने से आम की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचा। सुल्तानपुर, अमेठी, बाराबंकी,प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर,अयोध्या, गोंडा आदि जिलों में आम के बागों को व्यापक नुकसान हुआ ही, साथ-साथ सरसों, तिल, अलसी, मक्का, मटर, चना, सोयाबीन व गेहूं आदि की लगभग पक चुकी लाखों हेक्टेयर में फैली फसल खेत में ही पस्त हो गई। बुजुर्ग किसानों का कहना है करीब ४ दशक बाद ऐसे हालात देखने को मिल रहा है। प्रकृति का यह कोप है। कभी भी मार्च के माह में ऐसा नहीं हुआ था।

● वाहनों के शीशे तक टूट गए २५० ग्राम के ओलों से!
पूर्वी यूपी के खासकर अवध क्षेत्र में भोर में ढाई बजे से सवा तीन बजे तक ओलावृष्टि व तूफानी बारिश हुई। इस दौरान सुल्तानपुर-अमेठी के सदर, जयसिंहपुर व कुड़वार आदि ब्लॉकों में ५०ग्राम से लेकर २५० ग्राम तक के ओले लोगों ने घरों के आंगन व खेतों से बटोरे। १५ मिनट तक लगातार सिर्फ ओले ही बरसे। पशु-पक्षी व जीव-जंतु भी इस बारिश से जख्मी हुए। शुक्रवार को दिन भर ग्रामीणांचल में जगह जगह ओलावृष्टि की सूचनाएं मिल रही हैं। जिनके वीडियो लोग सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं।