" /> असली न्याय!, अमेरिका में ‘मीटू’ के दोषी को मिली सजा

असली न्याय!, अमेरिका में ‘मीटू’ के दोषी को मिली सजा

#Metoo अभियान बरसों से रईसों के चमचमाते कालीन के नीचे पनप रही गंदगी को बाहर निकालने की कवायद थी। साल २०१७ में सोशल मीडिया में मीटू अभियान ने तहलका मचा दिया था, उसकी शुरुआत अमेरिका से हुई थी। अमेरिकन एक्ट्रेस एलिसा मिलानो ने पूर्व फिल्म निर्माता हॉरवे विंस्टिन पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए ट्विटर पर बड़ा खुलासा किया था। इसके बाद कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने के मकसद से ‘हैशटैग मीटू’ मूवमेंट की शुरुआत की गई थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर हैशटैग मीटू अभियान के तहत कई महिलाओं ने अपने साथ हुए शोषण का खुलासा किया। वही मीटू अभियान एक बार फिर चर्चा में है क्योंकि हॉलीवुड के फिल्म निर्माता और मीटू के मुख्य आरोपित हॉर्वे विंस्टिन को न्यूयॉर्क की अदालत ने रेप का दोषी मानते हुए बुधवार को सजा सुनाई।

प्रतिस्पर्धा के आज के दौर में कार्यस्थल पर (व्यवसाय, नौकरी या अन्य किसी भी पेशे में) टिके रहने अर्थात अपने अस्तित्व को बचाए रखना एक गंभीर चुनौती बन चुका है। खासकर खेल, राजनीति, पत्रकारिता और फिल्मों की चकाचौंध भरी दुनिया में अवसर पाने के लिए लोगों को काफी संघर्ष करना पड़ता है। कुछ अवसरवादी हवसी लोग विशेष रूप से महिलाओं के यौन उत्पीड़न का प्रयास करते हैं। ऐसे ही अवसरवादी हवसी दरिंदों को बेनकाब करने के लिए ‘हैशटैग मीटू’ मूवमेंट की शुरुआत की गई थी। हिंदुस्थान में मीटू अभियान को लोकप्रिय बनाने का श्रेय अभिनेत्री तनुश्री दत्ता को जाता है। तनुश्री दत्ता ने बीते साल अक्टूबर महीने में नाना पाटेकर के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। तब उन्होंने कहा था कि साल २००९ में फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के एक गाने की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उन्हें गलत ढंग से छुआ था। उनका यह भी कहना था कि उस गाने के कोरियोग्राफर गणेश आचार्य ने जान-बूझकर उसमें कुछ ऐसे दृश्य रखे थे, जिससे कि नाना को उन्हें छूने का मौका मिल सके। तनुश्री की तरफ से नाना पर लगाए उन आरोपों के बाद हिंदुस्थान में ‘क्ष्मीटू’ अभियान की शुरुआत हुई थी। उस अभियान के तहत फिल्म और टेलीविजन के अलावा कई दूसरे क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने अनेक जानी-मानी हस्तियों पर यौन शोषण और उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। पैंâटम फिल्म्स की एक पूर्व कर्मचारी ने निर्देशक विकास बहल पर यौन दुराचार का आरोप लगाया था। बॉलीवुड में संस्कारी बाबूजी के नाम से मशहूर अभिनेता आलोक नाथ पर भी एक लेखिका-निर्देशिका ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। हालांकि विकास बहल को पहले ही क्लीन चीट मिल चुकी है और नाना पाटेकर भी आरोपों से लगभग मुक्त हो चुके हैं लेकिन हॉलीवुड के जिस पूर्व फिल्म निर्माता हार्वे विंस्टीन के खिलाफ मीटू वैंâपेन की शुरुआत हुई थी, उन्हें न्यूयॉर्क की अदालत ने दोषी करार देते हुए यौन उत्पीड़न के आरोप में २३ साल जेल की सजा सुनाई है। इस मामले में २५ फरवरी को कोर्ट ने हार्वे विंस्टीन को यौन उत्पीड़न और बलात्कार के मामलों में दोषी पाया था।
मिरामैक्‍स स्‍टूडियो के को-फाउंडर तथा द विन्‍स्‍टीन को के मालिक व पूर्व फिल्म निर्माता हार्वे विंस्टिन पर ३१ अक्‍टूबर, २०१७ को करीब ८० महिलाओं ने यौन उत्‍पीड़न का आरोप लगाया था। उन पर रेप का आरोप भी लगा था। विंस्टिन के खिलाफ साल २०१७ में मीटू अभियान के तहत हॉलीवुड अभिनेत्री एनाबेला शियोरा ने भी आरोप लगाते हुए कहा था कि वर्ष १९९० में हार्वे विंस्टिन ने उनका बलात्कार किया और बाद में कई साल तक वो उनका यौन उत्पीड़न भी करता रहा। यह विं‍िस्‍टन ही थे, जिनकी वजह से हॉलीवुड में क्ष्शऊदद मुहिम को बढ़ावा मिला था। इस मुहिम के तहत सैकड़ों महिलाएं जिनमें कई मशहूर हॉलीवुड एक्‍ट्रेस भी शामिल थीं, सामने आई थीं।
इन महिलाओं ने बिजनेस, सरकार और मनोरंजन क्षेत्र से जुड़े कई ताकतवर पुरुषों पर यौन हिंसा का आरोप लगाया था। हालांकि विं‍िस्‍टन ने आरोपों से साफ इनकार करते हुए कहा था कि उन्‍होंने किसी भी महिला के साथ उसकी मंजूरी के बिना संबंध नहीं बनाए थे। हालांकि कोर्ट ने मिरियम हेली को ओरल सेक्स के लिए मजबूर करने के लिए विंस्टिन को पहली डिग्री में क्रिमिनल सेक्स अधिनियम का दोषी करार दिया।