अस्पताल फुल है…

मुंबई में पड़ रही गर्मी न केवल इंसानों को सता रही है बल्कि पालतू प्राणियों व पक्षियों को भी अपना शिकार बना रही है। वर्तमान में परेल स्थित जानवरों के अस्पताल में अलग ही दृश्य देखने को मिल रहा है। अस्पताल के वार्डों में जहां गर्मी की मार से घायल चील और कौए भर्ती हैं, वहीं ओपीडी में लोग अपने कुत्ते और बिल्लियों को लेकर इलाज के लिए डंटे हुए हैं। गर्मी से त्रस्त पशु व पक्षियों से अस्पताल फुल हैं।
बता दें कि मुंबई व आसपास के क्षेत्र का पारा ३५ से ३७ डिग्री के बीच बना हुआ है। शहर में पड़ रही गर्मी जब इंसानों के शरीर का पानी सूखा दे रही है तो आसमान में उड़नेवाले परिंदों व बेजुबानों की हालत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है। परेल स्थित जानवरों के अस्पताल में अप्रैल महीने में गर्मी से बाधित कुल १२५ से भी अधिक पशु व पक्षी इलाज के लिए आ चुके हैं। अस्पताल से मिले आंकड़े के अनुसार अप्रैल महीने में गर्मी से ग्रसित ओपीडी में ६० कुत्ते, ३० बिल्लियां, ५ बछड़े इलाज के लिए आए जबकि पक्षियों की बात करें तो अब तक ६० से अधिक कबूतर, २५ चील, १२ कौए, ४ कोयल और ३ उल्लू गर्मी की गिरफ्त में आए। इनमें से कई का इलाज ओपीडी में किया गया तो कई को भर्ती करना पड़ा। परेल अस्पताल के प्रमुख डॉ. जेसी खन्ना ने बताया कि शहर में पड़ रही भीषण गर्मी से जानवर भी पस्त हैं। ऐसे में लोगों को अपने आंगन या घर के गलियारों में पानी रखना चाहिए ताकि आसमान में उड़नेवाले पंछियों को जब प्यास लगे तो उन्हें पानी मिल जाए। इसी के साथ पालतू जानवरों को धूप में सैर सपाटे पर न ले जाएं। एसी में रहनेवाले जानवरों को एका-एक बाहर न निकालें वरना उनकी तबीयत खराब हो सकती है। खाने में नॉनवेज और तेल मसाला कम कर दें।