" /> आईफा कहीं आफत न बन जाए!, सुरक्षा के साथ हो रहा है समझौता

आईफा कहीं आफत न बन जाए!, सुरक्षा के साथ हो रहा है समझौता

इंदौर में आईफा अवॉर्ड के मंच पर फिल्मी सितारों के उतरने से कितनी चकाचौंध होगी, यह तो वक्त बताएगा लेकिन जिस डेली कॉलेज प्रांगण में मंत्रियों की जिद के कारण विश्वस्तरीय शो को आयोजित किए जाने की कोशिश की जा रही है, उससे बदनामी का ठीकरा आखिर किसके सिर फूटेगा? सरकार के या मेजबानी कर रहे इंदौर के? जाहिर है सरकार के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी भी घेरे में होंगे। सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से आयोजन स्थल तथा उसके आसपास की व्यवस्था बिगड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। सवाल ये है कि आखिर डेली कॉलेज में इस भव्य आईफा समारोह की जिद से अगर कोई आफत आती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
आईफा समारोह एमरॉल्ड स्कूल में संपन्न कराने के लिए अभिनेता सलमान खान सहमत थे लेकिन मंत्री प्रियव्रतसिंह, जयवर्धनसिंह, हनी बघेल इसी डेली कॉलेज में पढ़े हैं। अपनी धाक जमाने के लिए उन्होंने तमाम बिंदुओं को नकार दिया जबकि पुलिस और प्रशासनिक सूत्र ने बहुत ही सोच-समझकर देश के दूसरे नंबर के स्कूल एमरॉल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल को उपयुक्त बताया था। इस स्कूल में करीबन १०,००० वाहनों की सुविधाजनक पार्किंग व्यवस्था है। १०० एकड़ जमीन पर बने इस स्कूल में १५,००० से ज्यादा लोगों के बैठने की व्यवस्था है। करीबन १,००० लोग यहां रुक सकते हैं। आवागमन के लिए भी यह स्थल सुविधाजनक है। वर्ष २०१५-१६ में एमरॉल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल में विश्व संघ शिविर का आयोजन हुआ था जिसमें १५ हजार लोगों ने शिरकत की थी। तब यह आयोजन बहुत ही आसानी से संपन्न हो गया था। इंदौर संभागायुक्त, कलेक्टर, आईजी, डीआईजी से लेकर तमाम अधिकारियों के निरीक्षण के बाद एमरॉल्ड को उपयुक्त बताया था। खुद अभिनेता सलमान खान ने भी इसी स्थल को लेकर दो बार अपनी मुहर लगाई थी। ऐसे कई सवाल हैं, जो आईफा अवॉर्ड की कामयाबी पर उठ खड़े हुए हैं।
गौरतलब है कि अवॉर्ड शो आईफा वीकेंड एंड अवॉर्ड्स २०२० का २१वां संस्करण इंदौर में आयोजित हो रहा है। सरकार ने तय किया है कि आईफा २७, २८ और २९ मार्च को डेली कॉलेज में होगा। यह सब तो ठीक है लेकिन महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या डेली कॉलेज और आसपास का माहौल आईफा जैसे बड़े शो को आयोजित करने के लिए उपयुक्त है? ध्यान रहे कि इस आयोजन में करीबन ५००० छोटे- बड़े कलाकार शिरकत करेंगे। इसमें कई गुना अधिक वीआईपी और वीवीआईपी होंगे। देशभर के कई बड़े मंत्रियों की फौज, सुप्रीम कोर्ट से लेकर निचली कोर्ट तक के न्यायाधीश, कई उद्योगपति एवं व्यापारी मौजूद रहेंगे, इन सबकी सुचारु व्यवस्था करना आसान नहीं होगा।
सरकार ने आईफा अवॉर्ड शो को लेकर सपने तो कई बुन लिए हैं लेकिन उन्हें हकीकत में साकार करना यदि असंभव नहीं है तो संभव भी नहीं। डेली कॉलेज में शो होने पर सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की आएगी। एक किलोमीटर दूर नेहरू स्टेडियम में पार्किंग व्यवस्था रखी जा रही है। क्या ४० हजार, १ लाख और २ लाख रुपए के टिकट खरीदनेवाले वीवीआईपी एक किलोमीटर दूर पैदल चलकर आयोजन स्थल पर पहुंचेंगे? यदि गाड़ियां उन्हें शो स्थल तक छोड़कर वापस भी लौटती हैं, तब भी यातायात का तो कचूमर निकल ही जाना है। जगह- जगह जाम के हालात बनेंगे। नेहरू स्टेडियम से मूसाखेड़ी होते हुए एकमात्र यही बड़ी सड़क है। इसके अलावा तो तंग गलियां हैं जहां यदि आग, भगदड़, दुर्घटना हुई तो व्यवस्था संभालना आसान नहीं होगा।