आई बरसात तो पॉकिट से निकालो रेनकोट

बरसात में भीगने से बचने के लिए लोग छाता या रेनकोट का इस्तेमाल करते हैं। शहरों में बढ़ती भीड़ के कारण छोटे छातों का चलन जहां बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर रेनकोट पहननेवाले बार-बार उतारने की झंझट से बचने के लिए मजबूरी में रेनकोट पहने रहना ही पसंद करते हैं। इन्हीं झंझटों से लोगों को निजात दिलाने के लिए बाजारों में एक नया रेनकोट आया है। इस नए रेनकोट का नाम ‘रेनकार्ड’ है। यह रेनकार्ड आसानी से पॉकिट में रखा जा सकता है। इस रेनकार्ड से अब लोगों को रेनकोट हाथों में लेकर नहीं चलना पड़ेगा। बारिश आते ही अब लोग अपने पॉकिट से रेनकोट निकालकर पहन सकेंगे। यह पॉकिटनुमा रेनकार्ड का उत्पादन चीन के गुंजाऊं शहर में किया गया है।

मुंबई में इन दिनों बाजारों में पॉकिटनुमा रेनकोट की धूम मची हुई है। पॉकिट में आसानी से समाहित होनेवाला यह रेनकोट अन्य रेनकोट के मुकाबले काफी सस्ता है। अब मुंबईकरों को इस रेनकोट को खरीदने के लिए ५०० या १००० रुपए नहीं, बल्कि सिर्फ ४० रुपए खर्च करने होंगे।
बता दें कि बारिश आते ही लोग पानी से बचने के लिए छाता और रेनकोट की खरीददारी में जुट जाते हैं। अच्छे से अच्छा छाता १०० से २०० रुपए के बीच मिल जाता है लेकिन रेनकोट के लिए लोगों को जेबें काफी ढीली करनी पड़ती है। ऐसे में सस्ते सामानों से चर्चित चीन भी इसमें कूद पड़ा है। चीन ने एक ऐसा रेनकोट बनाया है जो काफी सस्ता है। चीन द्वारा उत्पादित यह सस्ता रेनकोट मॉनसूनी बाजारों में लोगों का पसंदीदा बना हुआ है। दुकानदार असलम मलकानी ने बताया कि चीनी रेनकोट की कीमत सिर्फ ४० रुपए है। उन्होंने बताया कि मॉनसून शुरू होते ही करीब ५ हजार रेनकोट मंगाए थे, जिसमें से ४ हजार अब तक बिक चुके हैं। मलकानी ने बताया कि यह रेनकोट सस्ता भले ही है लेकिन टिकाऊ नहीं क्योंकि इसका इस्तेमाल सिर्फ एक बार ही किया जा सकता है। यह रेनकोट सिर्फ शरीर के ऊपरी आधे हिस्से को पानी से बचाता है। दुबले व्यक्ति और छोटे बच्चे ही इस रेनकोट का इस्तेमाल कर सकेंगे।