" /> आखिर कहां छुपा है जनधन का लुटेरा इनामी सुरेश तांतेड़?, राजनीतिक रसूख के चलते नहीं पकड़ पा रही पुलिस

आखिर कहां छुपा है जनधन का लुटेरा इनामी सुरेश तांतेड़?, राजनीतिक रसूख के चलते नहीं पकड़ पा रही पुलिस

वाकई एमपी में अजब और गजब का खेल जारी है। चोरी और ऊपर से सीना-जोरी, जी हां, राजगढ़ जिले के सहकारी बैंक के अध्यक्ष सुरेश तांतेड़ के मामले में तो यही नजर आ रहा है। जनता के खून-पसीने की कमाई का ९१ करोड़ रुपए डकार लेने के बाद भी सुरेश तांतेड़ का बाल बांका न होना, उल्टा जिसने कार्रवाई करने की हिम्मत दिखाई उस अधिकारी का सजा के बतौर तबादला होना तो यही प्रदर्शित करता है।
धार जिले की राजगढ़ तहसील का प्रतिष्ठित सहकारी बैंक राजेंद्र सूरी सहकारी बैंक मर्यादित के अध्यक्ष रहते सुरेश तांतेड़ ने करोड़ों रुपए का घोटाला किया। जांच में दोषी पाए जाने के बाद बैंक के संचालक मंडल के सदस्य के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे। वे पकड़े भी गए किंतु सरगना सुरेश तांतेड़ हर बार बच निकला। वर्तमान में उस पर ३०,००० रुपए का इनाम है और वह फरार चल रहा है। जमाकर्ताओं का धन लूटकर फरार हुए सुरेश तांतेड़ पर भादंवि की विभिन्न धाराएं ४०९, ४२०, ३४ में प्रकरण दर्ज हैं और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी भी कर रही है किंतु वह हाथ नहीं आ रहा है। उसके साथी बैंक संचालक बाबूलाल चावड़ा, कांता भंडारी, आजाद भंडारी, मुकेश कवडीया, कांतिलाल भंडारी, धर्मेंद्र बागड़िया, हेमंत जैन, ज्योति पवार, कालू सिंह निनामा सहित शाखा प्रबंधक दसाई कानालाल पटेल, शांति लाल जाट, जगदीश चोयल, पंकज पवार, दीपक बैरागी, घनश्याम चौधरी, महेंद्र राजपूत, प्रांशु शर्मा राजोद और राजगढ़ शाखा के लेखापाल सतीश कुशवाहा के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इनमें से अधिकांश की गिरफ्तारी हो चुकी है।
कहा जा रहा है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते सुरेश अभी तक गिरफ्तारी से बचा हुआ है। कुल ९१ करोड़ ९३ लाख रुपए के इस घोटालेबाज को एमपी पुलिस उसे विगत एक वर्ष से पकड़ नहीं पा रही है। गौरतलब है कि सहकारिता की उपायुक्त भारती शेखावत ने तांतेड़ जैसे रौबदार घोटालेबाज के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाया था। माना जा रहा है कि सजा के तौर पर शेखावत का धार से झाबुआ तबादला कर दिया गया है। उनके स्थान पर झाबुआ के अमरीश वेध को धार तैनात किया गया है। क्या नैतिकता और सिद्धांतों की बात करनेवाली भाजपा राजेंद्र सूरी सहकारी बैंक मर्यादित के मामले में सुरेश तांतेड़ पर मेहरबान है? यह चर्चा का विषय है, जबकि सोसाइटी का पूरा रिकॉर्ड पहले ही जप्त हो चुका है और कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वैधानिक कार्रवाई के लिए लिखा भी है। उपायुक्त सहकारिता शेखावत के निर्देश पर ही तांतेड़ और उनके संचालक मंडल के साथियों पर प्रकरण दर्ज हुए थे। पहले इंदौर हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट भी संचालक मंडल की याचिका खारिज कर चुकी है। गौरतलब है कि इलाहाबाद के एक कथित व्यक्ति मुकेश दुबे को ७५ लाख रुपए के चेक सुरेश तांतेड़ ने दिए थे, जो चेक बाउंस हो गए थे, जिसका मामला इलाहाबाद की अदालत में विचाराधीन भी है। धार के जिला पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने इस मामले में कहा है कि हम ३०,००० रुपए के इस इनामी लुटेरे सुरेश तांतेड़ को छोड़ेंगे नहीं, जल्द ही पकड़ कर कानून के हवाले करेंगे। फिलहाल सुरेश तांतेड़ के सुपुत्र हार्दिक तातेड़ भी जैन समाज के राष्ट्रीय संत गच्चाधिपति आचार्यादेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्र महाराज जी को हैदराबाद की सिम से जान से मारने की धमकी भरा फोन करने पर राजगड़ जिला धार पुलिस थाना में मामला दर्ज है जो कि न्यायालय में विचाराधीन है।