" /> आगरा की वजह से ही मथुरा में कोरोना संकट

आगरा की वजह से ही मथुरा में कोरोना संकट

मथुरा में कोरोना संकट का एक बड़ा कारण आगरा बन गया है। अभी तक मथुरा में जितने भी कोरोना पॉजिटिव आए हैं, उनका आगरा कनेक्शन है। रविवार को दवा विक्रेता के कोरोना पॉजिटिव होने का कारण आगरा ही है। दवा विक्रेता के कोरोना पॉजिटिव आने से यहां के दवा विक्रेताओं पर कोरोना का संकट मंडराने लगा है। अगर दवा विक्रेता संक्रमित निकलते हैं तो यह चेन लंबी हो सकती है। रविवार को ओल के रहनेवाले दवा विक्रेता की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। ओल का रहनेवाला यह दवा विक्रेता आगरा से दवा लाता था और यहां सप्लाई करता था। आगरा इस समय कोरोना का बड़ा केंद्र बन चुका है। रविवार तक आगरा में 255 कोरोना पॉजिटिव केस आ चुके हैं। इनमें ज्यादातर संख्या जमातियों की है। मथुरा में छह कोरोना पॉजिटव आए हैं और इनमें से पांच का आगरा कनेक्शन है। एक कोरोना पॉजिटिव निजामुद्दीन मरकज से लौटा था और शामली का रहनेवाला है। अगर यह कहा जाए कि आगरा की वजह से ही मथुरा प्रदेश सरकार के समक्ष बदनाम हुआ तो इसमें अतिशयोक्ति नहीं होगी। मथुरा में कोरोना पॉजिटिव जो छह केस हैं, उनमें से एक महिला आगरा के मंटोला की, एक युवक आगरा के फतेहपुर सीकरी का, एक शामली का, दो ओल के और एक निजी अस्पताल की नर्स है। मंटोला की महिला आगरा के एक अस्पताल में भर्ती थी और यहां सीरीयस कंडीशन में लाई गई। जांच हुई तो पता चला कि उसे कोरोना है। फतेहपुर सीकरी का युवक स्वास्थ्य बिगड़ने पर यहां निजी अस्पताल में आया, जांच कराई तो पता लगा कि उसे कोरोना है। शामली का युवक जमाती था, जो निजामुद्दीन मरकज से आये जमातियों के साथ था और ओल की मस्जिद से निकालकर क्वारंटाइन किया गया था। ओल का ही एक किशोर कोरोना संक्रमित हो गया, जो भरतपुर जमात से लौटकर आया था। इसके बाद एक निजी अस्पताल में मरीजों की देखभाल कर रही नर्स भी पॉजिटिव हो गई। हालांकि उसकी दूसरी रिपोर्ट नेगेटिव आई है लेकिन अभी उसे क्वारंटाइन रखा गया है और एक और रिपोर्ट का इंतजार है। यह नर्स आगरा से आए मरीजों की देखभाल कर रही थी। इसके बाद रविवार को ओल का जो युवक कोरोना पॉजिटव आया है, वह भी आगरा से संक्रमण लेकर आया। दरअसल यह युवक आगरा से मथुरा तक दवा का कार्य करता है। ओल के रहनेवाले दवा विक्रेता के कोरोना पॉजिटिव आने पर दवा विक्रेताओं पर भी कोरोना का साया मंडराने लगा है। अभी तक ज्यादातर थोक विक्रेताओं पर संक्रमण का खतरा है। बताया गया कि वह होलीगेट के निकट स्थित संजय मार्केट और यादव मार्केट में दवा देने गया था।