आचार्य धर्मेंद्र का मोदी सरकार पर ‘वार’ ये रेप इन इंडिया’

तोगड़िया की तोप अभी शांत भी नहीं हुई है कि सुविख्यात संत एवं प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक पंचखंडपीठाधीश्वर आचार्य स्वामी श्री धर्मेंद्र जी महाराज ने मोदी सरकार पर हमला बोल दिया है। राम मंदिर के मुद्दे पर तोगड़िया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है और कल मंगलवार से अनशन पर बैठनेवाले हैं लेकिन इसी बीच आचार्य धर्मेंद्र ने उसमें सुर मिलाते हुए भाजपा और मोदी की आलोचना की है। आचार्य धर्मेंद्र ने कहा कि २ अरब वर्ष पुराना हमारे आर्यावर्त देश का इतिहास है। विपुल संपदाओं से भरे देश में लाखों महापुरुष हुए। सबसे समृद्ध हमारा हिंदू धर्म है। आज देश बहुत गंभीर स्थिति से गुजर रहा है। कोई भी अखबार या न्यूज चैनल देखें तो दुर्घटनाएं और बलात्कार की खबरों से पटा पड़ा है। आचार्य धर्मेंद्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ का नारा दिया पर आज देश जिस भयावह स्थिति से गुजर रहा है, इससे यही लगता है कि हमारा देश ‘रेप इन इंडिया’ बन गया है। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर के साथ मोदी के सबका साथ सबका विकास, मेक इन इंडिया, दलित मुस्लिम एकता आदी नारों और मुद्दों पर भी खुल कर बात की।
बच्चा-बच्चा राम का शौचालय के काम काम का
मोदी सरकार की नाकामियों पर बिफरे आचार्य धर्मेंद्र
राम मंदिर कोर्ट का विषय होना ही नहीं चाहिए। राम के नाम पर पूर्ण बहुमत की बनी ५६ इंची सरकार को चाहिए कि संसद में कानून बनाए और मंदिर के बनने में आनेवाली बाधाओं को दूर करे। आचार्य धर्मेंद्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक वक्त ‘बच्चा-बच्चा राम का, राम मंदिर के काम का’ यह नारा था। अब ‘बच्चा-बच्चा राम का, शौचालय के काम का’ हो गया है। बता दें कि राम मंदिर आंदोलन में अग्रणीय भूमिका निभानेवाले आचार्य धर्मेंद्र इन दिनों निजी प्रवास पर मुंबई आए हुए हैं। कल उन्होंने कांदिवली पूर्व, ठाकुर कॉम्प्लेक्स स्थित बेलिफ होटल में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ग्लोबल प्रधानमंत्री बताते हुए देश की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता प्रकट की और मोदी सरकार की नाकामियों पर बिफरे नजर आए।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के ‘सबका साथ सबका विकास’ के नारे की भी खिल्ली उड़ाई और इसे भ्रामक नारा बताया। उन्होंने कहा कि ‘देश भक्तों का साथ, देश भक्ति का विकास’ यह नारा ही सही रूप में राष्ट्रवाद को परिभाषित कर सकता है। इस दौरान उन्होंने मोदी की तुलना सुग्रीव से करते हुए कहा कि भाई बाली के डर से पहाड़ों की कंदराओं में छुपे सुग्रीव को भगवान राम ने बाली को मारकर उसे किष्किंधा की सत्ता दिला दी तो वह राम से किए गए वादे को भूल बैठा था। उसी प्रकार दिल्ली के सिंहासन पर बैठते ही मोदी भी राम मंदिर को भूल गए हैं। हिंदुओं की आस्था के साथ इससे बड़ा विश्वासघात क्या हो सकता है? ऐसा सवाल भी उन्होंने उठाया। ‘हर-हर मोदी, घर-घर मोदी’ इस नारे पर भी आपत्ति जताई, साथ ही कहा कि सत्ता में आने से पहले जो भी वादे किए गए एक भी वादा पूरा नहीं किया गया है। संवाददाता सम्मेलन में दलित-मुस्लिम एकता के नारे को भी उन्होंने भ्रामक बताते हुए कहा कि दलितों का सबसे ज्यादा शोषण मुस्लिम ने किया है जिसका इतिहास गवाह है।