" /> आपस में भिड़े भगवाधारी, पार्टी नेता की यूपी डिप्टी सीएम पर अभद्र टिप्पणी 

आपस में भिड़े भगवाधारी, पार्टी नेता की यूपी डिप्टी सीएम पर अभद्र टिप्पणी 

• प्रतापगढ़ में बीजेपी जिलाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी का फुंका पुतला, टिप्पणी को अब हैकरों की करामात बता रहे भाजपा नेता।

यूपी में भाजपा कार्यकर्ताओं का असंतोष अब अनुशासन की हदें पार करता जा रहा है। प्रतापगढ़ जिले में सोशल मीडिया पर खुलकर अपने ही नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रहीं हैं। पुतले जलाए जा रहे हैं।..लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी अनुशासित पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा के दिग्गज मौन हैं।

वाकया कुछ यूं हुआ। प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र के मुंहलगे पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी राघवेंद्र शुक्ल ने गत दिवस फेसबुक पर अपनी ही सरकार के डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा के प्रति अभद्र व आपत्तिजनक कमेंट कर डाला। जिससे जिले के अन्य पदासीन भाजपाई सन्न रह गए और देखते ही देखते कमेंट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। बड़े -बड़े नेताओं तक बात पहुंच गई। बावजूद अनुशासनप्रिय पार्टी के नेताओं ने मौन ही साधे रखा। मामले ने तूल तब पकड़ा ज़ब पार्टी के ही लोगों ने इसे मुद्दा बनाकर पुलिस में एफआईआर करने का मन बना बयानबाजी शुरू कर दी। पूर्व जिलाध्यक्ष देवानंद त्रिपाठी, प्रदेश में मंत्री रह चुके बृजेश शर्मा आदि ने सीधे निशाने पर लिय्या मौजूदा जिलाध्यक्ष मिश्र को। उन्हें उनके मुंहलगे मीडिया प्रभारी का पक्ष लेने के लिए धिक्कारना शुरू कर दिया और इस प्रकरण को संगठन की खातिर दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। जब मामला बिगड़ता नजर आया तो डिप्टी सीएम पर कमेंटबाजी करने वाले शुक्ला भी बैकफुट पर आ गए। उन्होंने बयान जारी कर दिया कि..’मेरी तो एफबी आईडी ही हैक हो गई थी, किसी ने खुराफात कर दी है, इस कमेंट से तो मेरा ताल्लुक ही नहीं है’। ये बात भाजपाइयों के गले नहीं उतरी। रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता सड़क पर उतर पड़े और मंगलवार को जिलाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी का पुतला फूंक विरोध प्रदर्शन कर सनसनी फैला दी। प्रदर्शनकारियों ने आरोपित नेता की बर्खास्तगी की मांग की। वहीं पार्टी के प्रांतीय महामंत्री वरुण प्रताप सिंह व जवाहरलाल श्रीवास्तव ने भी इसे गंभीर मामला बताते हुए अनुशासन समिति तक ले जाने की बात कही है। सीधा आरोप मढ़ा है कि दलालों को पार्टी से बाहर किया जाना चाहिये। अनुशासन से समझौता कतई नहीं।..फिलहाल पार्टी में असंतोष चरम पर है। नेता और कार्यकर्ता धड़ों में बंट चुके हैं। विपक्षी दल के लोग सत्ताधारियों की इस जंग को मजे ले-लेकर देख रहे हैं।