" /> आबकारी विभाग ने छापामारी कर बड़े पैमाने पर नकली शराब बनाने वाले फैक्ट्री को पकड़ा, दो गिरफ्तार

आबकारी विभाग ने छापामारी कर बड़े पैमाने पर नकली शराब बनाने वाले फैक्ट्री को पकड़ा, दो गिरफ्तार

अधिक मुनाफा कमाने के फेर में शराब तस्कर लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं और लोगों को जहर पिला रहे हैं। आबकारी विभाग और पुलिस टीम की साझा कार्रवाई में लोगों की जिंदगी से खेल रहे तस्कर पकड़े गए हैं। पूछताछ में जानकारी मिलने के बाद वाराणसी जोन के 10 जिलों में फैले शराब तस्करों के कांटेक्ट को पुलिस और आबकारी विभाग की टीम खंगाल रही है। गिरफ्तार किए गए शराब तस्करों का पूर्वांचल कनेक्शन भी खंगाला जा रहा है।

दरअसल, उप आबकारी आयुक्त प्रयागराज  एके सिंह व जिला आबकारी अधिकारी एसबी मोडवेल के नेतृत्व में प्रयागराज आबकारी विभाग ने ग्राम मेहा जागीर थाना मांडा में संचालित अवैध शराब फैक्टरी का भंडाफोड़ करते हुए नकली शराब बना रहे दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान चार अभियुक्त फरार हो गए। प्रयागराज जिला आबकारी अधिकारी एसबी मोडवेल ने बताया कि ग्राम मेहा जागीर में अवैध शराब फैक्ट्री के संचालन की मुखबिर के द्वारा सूचना मिली थी। जिस पर आबकारी निरीक्षक मेजा मैथलीशरण सिंह, एसएसएफ आबकारी निरीक्षक अमित श्रीवास्तव, आबकारी निरीक्षक हंडिया कौशलेंद्र प्रताप सिंह, आबकारी निरीक्षक करछना रोहन कुमार के साथ मांडा पुलिस टीम को लगाया गया था। मंगलवार को आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर मौके से बसंत लाल जायसवाल निवासी ग्राम मेहा जागीर और राम कुमार जायसवाल निवासी ग्राम दुबरा जिला मिर्जापुर को गिरफ्तार कर लिया। से उनके चार साथी राकेश जायसवाल, राजेंद्र जायसवाल, सुरेंद्र जायसवाल और दिनेश जायसवाल भाग निकले हो गए। फरार अभियुक्तों के गिरफ्तारी के लिए आबकारी विभाग और पुलिस टीम लगाई गई है।

आबकारी विभाग ने मौके से दो सौ लीटर जानलेवा स्प्रिट और सीलिंग मशीन के साथ अलग-अलग ब्रांडों के 2209 देशी शीशी, सीलिंग मशीन, 4500 विंडीज लाइम व 3228 ब्लू लाइम का नकली रैपर, 638 क्यूआर कोड, दो बोतल कैरेमल, 2218 नकली ढक्कन, 2500 खाली शीशियां और दो बोलेरो गाड़ी बरामद किया है। पूछताछ में पकड़े गए बसंत लाल जायसवाल और राजकुमार जायसवाल ने बताया कि सभी फैक्ट्री में नकली शराब तैयार करके उसे बोलेरो में भरकर प्रयागराज, मिर्जापुर, कुशीनगर, भदोही, सोनभद्र सहित आसपास के जिलों में सप्लाई करते थें। शराब की बोतलों पर क्यूआर कोड होने के कारण किसी को भी शंका नहीं होती थी। आबकारी विभाग के मुताबिक बरामद दोनों बोलेरो गाड़ी भदोही और सोनभद्र आरटीओ से रजिस्टर्ड है।