" /> आम लोगों का होगा बड़े अस्पतालों में इलाज : सरकार ने किया ८० प्रतिशत बेड रिजर्व

आम लोगों का होगा बड़े अस्पतालों में इलाज : सरकार ने किया ८० प्रतिशत बेड रिजर्व

४,४०० बेड की मिलेगी सुविधा
राज्य सरकार ने गुरुवार देर रात एक अधिसूचना जारी कर राज्य के प्राइवेट हॉस्पिटल और नर्सिंग होम में ८० प्रतिशत से अधिक बेड अपने अधीन कर लिए हैं। इसके तहत अब आम लोगों का इलाज भी बड़े अस्पतालों में हो सकेगा। करीब ४,४०० बेड की सुविधा उपलब्ध हो पाई है। राज्य सरकार ने इन अस्पतालों में इलाज के लिए फीस भी निर्धारित की है।
बता दें कि कोरोना मरीजों से मनमानी बिल वसूलने की शिकायतें राज्य सरकार को मिल रही थी। इन शिकायतों को दूर करने के लिए सरकार ने कोरोना काल में निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम के ८० प्रतिशत बेड को अपने अधीन लिया है। इसमें धर्मार्थ ट्रस्टों द्वारा संचालित अस्पताल भी शामिल हैं। सरकार ने जिन अस्पतालों में बेड रिजर्व किए हैं उनमें मुंबई के एचएन रिलायंस, लीलावती, ब्रीच कैंडी, जसलोक, बॉम्बे हॉस्पिटल, भाटिया, वॉकहार्ट, नानावती, फोर्टिस, एलएच हीरानंदानी और पीडी हिंदुजा हॉस्पिटल के अलावा राज्य के सभी निजी अस्पतालों का भी समावेश है। मुंबई सहित राज्य के सभी निजी अस्पतालों के इमरजेंसी विभाग सहित सभी बेडों के ८० प्रतिशत बेड सरकार अपने अधीन लेने की तैयारी पहले से सरकार कर रही थी। आखिरकार, सरकार ने गुरुवार की रात अधिसूचना जारी करके निजी अस्पतालों के ८० प्रतिशत बेड अपने अधीन ले लिए हैं। बताया जाता है कि कोरोना की लड़ाई में सहयोग करने के लिए बार-बार सरकार की ओर से निजी अस्पतालों से अपील की जा रही है। इसके बावजूद निजी अस्पताल सहयोग करना तो दूर कई निजी अस्पताल कोरोना रोगियों से इलाज के नाम पर मनमानी तरीके से बिल वसूल रहे थे, जिनकी शिकायतें सरकार को मिल रही थीं। इसके अलावा रोगियों को उपचार के लिए भर्ती न करने की शिकायत भी आ रही थीं।
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. प्रदीप व्यास ने ३० अप्रैल से एपिडेमिक एक्ट-१८९७ अत्यावश्यक सेवा कानून लागू किया है। बहुत से निजी अस्पताल इस नियम का पालन करने में टाल-मटोल कर रहे थे। इस आदेश में कौन से रोग का निजी अस्पताल कितनी दर लेगा, यह निश्चित किया गया है। परंतु कुछ निजी अस्पताल उक्त नियमों का पालन नहीं कर रहे थे और लाखों रुपए मरीजों से वसूल रहे थे।
ये है उपचार का शुल्क
कोरोना संक्रमित रोगी के लिए प्रतिदिन ४,००० रुपए से ज्यादा बेड शुल्क नही लिए जाएंगे, वहीं आईसीयू का अधिकतम ७,५०० रुपए निर्धारित किया गया है और वेंटिलेटर के लिए प्रतिदिन ९,००० रुपए तय किए गए है। इन बेड के लिए मरीजों को एक केंद्रीकृत पोर्टल प्रणाली के माध्यम से भर्ती किया जाएगा। इसमे डॉक्टर परामर्श शुल्क, नर्सिंग, भोजन और बेड चार्ज शामिल है। कोरोना टेस्ट, पीपीई किट, सीटी स्कैन अलग से है। पीपीई किट की लागत १०० रुपए है तो अस्पताल ११० रुपए से अधिक नहीं ले सकता है।