आयकर रडार पर ५०० रसूखदार!, आरोपी महिलाओं ने उगले राज

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले में आरोपी महिलाओं ने आयकर विभाग की पूछताछ में कई राज उगले हैं। आयकर विभाग ने अपने पहले चरण की पूछताछ पूरी कर ली है। अब आगे जल्द ही दूसरे चरण की पूछताछ शुरू करेगा। अभी तक हुई पूछताछ में आरोपी महिलाओं के लेन-देन का कनेक्शन करीब ५०० लोगों से मिला है। इसमें एक से बढ़कर एक रसूखदार शामिल हैं। अब आयकर विभाग इन सभी लोगों को नोटिस भेजेगा। उसके बाद लेनदेन से जुड़ी जानकारी लेकर दूसरे चरण की पूछताछ शुरू होगी।
हनीट्रैप मामले की जांच कर रही एसआईटी के बाद आयकर विभाग की टीम ने भी तीन आरोपी महिलाओं से लंबी पूछताछ की है। आयकर सूत्रों की मानें तो यह पहले चरण की पूछताछ थी, जिसमें तीनों आरोपी महिलाओं के लेन-देन को लेकर काफी अहम जानकारी जुटाई गई। सूत्रों ने दावा किया है कि आरोपी महिलाओं का करीब ५०० लोगों के साथ लेन-देन था। इसकी जानकारी आरोपी महिलाओं ने पूछताछ में आयकर विभाग को दी है। अब जल्द ही आयकर विभाग अपने दूसरे चरण की पूछताछ शुरू करेगा। दूसरे चरण की पूछताछ में आयकर विभाग की टीम उन सभी ५०० आरोपियों को नोटिस देकर ऑफिस बुलाएगा। आयकर विभाग की टीम ने तीनों ही आरोपी महिलाओं से लंबी पूछताछ की है। इसमें महिलाओं के पास मिली लाखों की नगदी और बैंक लॉकर से मिली नगदी को लेकर सवाल किए गए। तीनों आरोपी महिला अपने पास मौजूद नगद राशि और दूसरी प्रॉपर्टी को लेकर आयकर विभाग को सही जानकारी नहीं दे सकीं। यही कारण है कि जब आयकर विभाग ने आरोपियों से आगे की पूछताछ की और तमाम दस्तावेज उनके पास से मिले थे, उसके आधार पर पूछताछ की तो करीब ५०० लोगों के नाम सामने आए। इन नामों का लेन-देन कहीं न कहीं आरोपी महिलाओं के साथ कुछ साल में हुआ था। इन नामों में कई रसूखदार के नाम भी शामिल हैं जिनमें राजनेता, ब्यूरोक्रेट्स, बिल्डर्स सहित समाज के और भी कई बड़े नाम शामिल हैं।

इलेक्ट्रोनिक सबूत के लिए हाईकार्ट जाएगा आयकर विभाग
आयकर विभाग को हनी ट्रैप केस में गिरफ्तार हाई प्रोफाइल महिलाओं से जप्त किए गए डॉक्यूमेंट्री और इलेक्ट्रोनिक सबूतों की जरूरत है। इसके लिए आयकर विभाग जल्दी ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर ब्रांच का दरवाजा खटखटाएगा। आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने ये जानकारी दी। बता दें कि आयकर विभाग ने हनी ट्रैप केस की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) से ये सबूत सौंपने के लिए कहा था लेकिन एसआईटी ने यह कह कर सबूत सौंपने के लिए इंकार किया था कि केस की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में हो रही है। ऐसे में कोर्ट की अनुमति के बिना केस से जुड़ी कोई भी सामग्री किसी भी एजेंसी को नहीं सौंपी जा सकती। आयकर विभाग ने पहले केस में गिरफ्तार की गई ५ में से ३ महिलाओं (श्वेता विजय जैन, आरती दयाल और श्वेता स्वप्निल जैन) को जेल में नोटिस भेजे थे। आयकर विभाग ने ये कदम एसआईटी की ओर से दो चार्जशीट्स में दी गई नकदी और जेवरात की जानकारी के बाद उठाया था। ये चार्जशाट्स दो केस में दाखिल की गई थीं, जो आपस में जुड़े हुए हैं। एसआईटी ने हाईकोर्ट को आयकर विभाग के इस कदम के बारे में सूचित किया।

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