‘आरे’ वाह! बुलेट ट्रेन की समीक्षा करेंगे

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का सुपरफास्ट निर्णय

हजारों पेड़ों की कटाई करनेवाले मेट्रो के आरे कारशेड को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सत्ता में आते ही रोक दिया है। इसी प्रकार किसानों व आदिवासियों की जमीन जबरदस्ती कब्जे में लेकर केंद्र सरकार की मुंबई-अमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की पुन: समीक्षा करने का सुपरफास्ट निर्णय लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने योजना प्रभावितों को भारी राहत दी है।
राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार आम जनता के हितों में निर्णय ले रही है। आरे कारशेड की परियोजना को रोक दिया गया है। इसी प्रकार से बुलेट ट्रेन परियोजना को रोका नहीं गया है। हालांकि अन्य सभी परियोजनाओं का जिस प्रकार से पुन: जायजा लिया जा रहा है, उसी प्रकार से बुलेट ट्रेन परियोजना का भी जायजा पुन: लिया जाएगा, ऐसा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा।
बदले की भावना से कोई निर्णय नहीं
योजनाओं पर तकरीबन खर्च और उसकी अवधि, इन सभी बातों का एक बार पुन: जायजा लूंगा, उसके बाद कौन सी योजना प्राथमिकता देकर पूरी करनी है, किस योजना को किस प्रकार से पूरा करना है? इन सब बातों का निरीक्षण किया जाएगा। सरकार कोई भी निर्णय बदले की भावना से नहीं लेगी, उद्धव ठाकरे ने ऐसा स्पष्ट किया।
 बुलेट ट्रेन परियोजना पर नियोजित खर्च ११ लाख करोड़ है, जिसमें ८१ प्रतिशत निधि जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी ५० वर्ष की अवधि के लिए कर्ज देगी।
 इस परियोजना के लिए महाराष्ट्र और गुजरात राज्य प्रत्येक को पांच हजार करोड़ व केंद्र सरकार को दस हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा।
 इस परियोजना के लिए कुल १,३८० हेक्टेयर जमीन लगेगी।
 ५०८ किमी लंबी परियोजना पर किमी मार्ग महाराष्ट्र से होकर जाएगा। गुजरात में ३४८ किमी लंबी व ४.३ किमी लंबा मार्ग दादरा नगर हवेली से होकर जाएगा।