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‘इसका मुझे कोई मलाल नहीं है’-नेहा शर्मा

‘तान्हाजी-अन-संग वॉरियर’ में कमला देवी का किरदार निभा चुकी नेहा शर्मा की फिल्म ‘तान्हाजी’ ने ३०० करोड़ का क्लब क्रॉस कर लिया है। ‘तान्हाजी’ के अलावा नेहा ‘क्या सुपरकूल हैं हम’, ‘तेरी मेरी कहानी’, ‘यंगिस्तान’, ‘मुबारकां’, ‘तुम बिन’ आदि फिल्मों में भी काम किया है। फिल्मों में अपने १० वर्ष पूरा करनेवाली नेहा इन दिनों वूट सिलेक्ट के वेब शो ‘ईल लीगल’ में डेब्यू कर रही हैं। पेश है नेहा शर्मा से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

 ‘ईल लीगल’ को स्वीकारने की कोई खास वजह?
आज ‘वूट सिलेक्ट’ एक अंतर्राष्ट्रीय प्रोडक्शन हाउस है और मैं जो शो कर रही हूं उसका नाम है ‘ईल लीगल’। दुनिया में आज ईल लीगल काम ज्यादा हो रहे हैं। इसमें मैंने एक वकील की भूमिका निभाई है। अगर रोल चैलेंजिंग हो तो माध्यम मायने नहीं रखता। आज ओटीटी (ओवर द टॉप- वेब शोज) प्लेटफॉर्म एंटरटेनमेंट का दूसरा नाम बन चुका है, सभी नामचीन एक्टर्स अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आ चुके हैं।
 वकील का किरदार निभाने के लिए क्या आपने होमवर्क किया?
मुझे होमवर्क करने के लिए वक्त नहीं मिला क्योंकि १५-२० दिनों में ही इसकी शूटिंग शुरू होनी थी। अब जितना भी टाइम मेरे पास था उसका उपयोग करते हुए मैंने चैनल्स सहित यूट्यूब पर लीगल शोज के फुटेज देखे कि वकील किस तरह अपने मुद्दे रखते हैं और वैâसे दलीलें अदालत में पेश होती हैं।
 फिल्म ‘तान्हाजी’ की सफलता से आपके करियर में क्या बदलाव आया?
मेरे फिल्म करियर को १० वर्ष पूरे हो चुके हैं। सभी जानते हैं कि मेरा कोई फिल्मी बैकग्राउंड नहीं है। मेरे पिता राजनीति में हैं और मैंने आज तक जो भी रोल हासिल किया वो ऑडिशन देने के बाद मिला, किसी की सिफारिश पर नहीं। मेरा कोई गॉडफादर या मेंटॉर नहीं है। रही बात फिल्म ‘तान्हाजी’ के ग्रैंड सक्सेस की तो इस बात से मैं बेहद खुश हूं कि इस ऐतिहासिक फिल्म का एक हिस्सा मैं भी रही हूं। अजय देवगन, काजोल और सैफ अली खान के बाद दर्शकों और मीडिया ने मुझे भी नोटिस किया, पसंद किया।
 क्या आपको शिखर पर न पहुंचने का मलाल है?
इसका मुझे कोई मलाल नहीं है। अपने माता-पिता को मनाकर मैं अभिनय में आई हूं। मेरा कारवां अकेला है। ऑडिशन में भी कई बार ये गारंटी नहीं होती कि किस्मत आपका साथ देगी ही। नॉन फिल्मी परिवार से बॉलीवुड में आकर अपने उसूलों के साथ समझौता न करते हुए सिर्फ नेकी, खुद्दारी, टैलेंट के बलबूते फिल्म पाने और सर्वाइव करने को मैं बहुत बड़ा अचीवमेंट मानती हूं। साउथ की फिल्मों से मैंने अपना करियर शुरू किया था, वहां मेरा अस्तित्व ज्यादा स्ट्रॉन्ग है। फिल्म इंडस्ट्री में आकर मेरी एक अच्छी पहचान बन गई है। मुझे दुनिया जानने लगी है, मैं यहां ग्रो हुई हूं। चाहे कुछ भी हो जाए मैं मेहनत करती रहूंगी।
 क्या कभी आपने डिप्रेशन फील किया है?
हर दिन हजारों लोग एक्टर या एक्ट्रेस बनने का सपना लेकर मुंबई आते हैं। सभी का सपना पूरा नहीं होता और उम्मीद के मुताबिक काम न मिलने पर डिप्रेशन आता है। इसके लिए मानसिक तैयारी रखें। डिप्रेशन से बचने के लिए दूसरे कार्यों में खुद को व्यस्त रखें।
 सुना है आप एक पंजाबी फिल्म कर रही हैं?
मेरी पहली पंजाबी फिल्म है ‘इक संधू हुंदा सी’। इस फिल्म में मेरे अपोजिट हैं गिप्पी ग्रेवाल। अगर रोल दमदार हो तो रीजनल फिल्में करने से किसी कलाकार को ऐतराज नहीं हो सकता और मैंने भी ये फिल्म पसंद आने पर साइन कर ली।

जन्मतिथि – २१ नवंबर
जन्मस्थान – भागलपुर, बिहार
कद – ५ फुट ५ इंच वजन – ५३
प्रिय रंग – बेबी पिंक
मनपसंद व्यंजन – दाल-चावल और दाल मखनी
पसंदीदा स्वीट डिश – इमरती, जलेबी
प्रिय कलाकार – लियोनार्डो दी वैâप्रियो
मनपसंद हॉलिडे डेस्टिनेशन – जयपुर और उदयपुर प्रिय परिधान – घरेलू गाउन