" /> उत्तन के किनारों से होकर गुजर गया निसर्ग तूफान, नहीं हुआ कुछ नुकसान

उत्तन के किनारों से होकर गुजर गया निसर्ग तूफान, नहीं हुआ कुछ नुकसान

अरब सागर में आए निसर्ग नामक चक्रवाती तूफान बुधवार को दोपहर करीब २.५५ बजे भाइंदर-पश्चिम स्थित उत्तन सागरी किनारे से होकर गुजर गया। इस तूफान से यहां कोई क्षति नहीं पहुंची है। हालांकि इस दौरान तेज हवाएं और बारिश की बौछार होती रही। समुद्र का पानी जब नीचे उतर गया तब स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।

इस तूफान से बचाव के लिए एहतियातन सागर किनारे बसनेवाले मछुआरों के घरों को खाली कराकर उन्हें चर्च और स्कूलों में रहने की व्यवस्था की गई थी। मछुआरों के बोट को भी समुद्र के किनारे से हटाकर सड़कों पर ले जाया गया था। तूफान की वजह से संभावित किसी भी आकस्मिक हादसे से निपटने के लिए ठाणे जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर और मनपा आयुक्त चंद्रकांत डांगे के निर्देश पर एनडीआरएफ की २२ सदस्यीय टीम, पुलिस व मनपा प्रशासन तथा दमकल विभाग के कर्मचारी के साथ स्थानीय शिवसेना नगरसेविका शर्मिला बगाजी भी पूरी मुस्तैदी से वहां डटे हुए थे।

बता दें कि भाइंदर-पश्चिम में उत्तन, पाली क्षेत्र में करीब ४ से ५ किलोमीटर का तटीय क्षेत्र है, जहां करीब ७ हजार परिवार रहते हैं। स्थानीय लोगों में इस तूफान को लेकर भय का वातावरण था, इससे बचाव के लिए लोग लगातार प्रार्थना भी कर रहे थे।

प्रशासन की सतर्कता से नहीं हुई जनहानि
सामना संवाददाता / मुंबई
निसर्ग चक्रवात के कारण किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान से बचने के लिए मुंबई शहर जिले में समुद्र के पास रहनेवाले ७,२०० लोगों को सुरक्षित स्थान पर हटाया  गया, जिनमें से ३,००० नागरिक कोलाबा के थे। जिला कलेक्टर राजीव निवातकर ने मनपा स्कूल में की गई व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस अवसर पर निवासी उपजिलाधिकारी संपत डावखर व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुंबई शहर जिले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने तट के किनारे के नागरिकों को हटा दिया था। इसके साथ ही दस पथक दल चक्रवात से हुए नुकसान की मदद के लिए तैयार थे। वर्ली, माहिम और दादर के आस-पास रहनेवाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इनमें ई-डिवीजन, कोवला पोर्ट, मीरा दातार दरगाह, भंडारावाड़ा में १,२००, जी / नॉर्थ डिविजन, पंजाबी कॉलोनी, सायन-कोलीवाड़ा बंगाली पुरा स्लम, सायन, माहिम १,२००, एफ / नॉर्थ वडाला, ३५०, जी / साउथ वर्ली २५०, ए शामिल हैं। डिविजन, गीता नगर, गणेशमूर्ति नगर ३,०००, डी डिविजन, दरिया नगर, शिवाजी नगर, सागर नगर, रामकुंड नगर १,२००। इस प्रकार कुल ७,२०० लोगों को विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया था।

समुद्र तट पर लौटीं तूफान में फंसी नौकाएं
कच्चे मकान में रहनेवाले १५,००० से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
सामना संवाददाता / पालघर
चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग’ के बुधवार दोपहर महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग पहुचंने से पहले पालघर तट के पास समुद्र में मौजूद मछली पकड़ने की सभी नौकाएं वापस लौट आई हैं। अधिकारी ने बताया कि पालघर से कम से कम मछली पकड़ने की ५७७ नौकाएं समुद्र में गई थीं और सोमवार शाम तक ५६४ वापस आई थीं। जिला आपदा नियंत्रण प्रमुख विवेकानंद कदम ने कहा कि तटरक्षक, नौसेना और मत्स्य विभाग से मदद मांगी गई और शेष १३ नौकाएं भी मंगलवार देर शाम किनारे पर लौट आर्इं। उन्होंने बताया कि पालघर में तट के पास डहाणु, पालघर, वसई और तलासरी तहसील में कच्चे मकानों में रहनेवाले १५,००० से अधिक लोगों को बुधवार सुबह तक वहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के दो दलों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पालघर में तैनात किया गया। एनडीआरएफ कर्मियों ने मंगलवार को जिले में कुछ गांवों का दौरा कर लोगों को चक्रवात आने पर क्या करना है और क्या नहीं? इसकी जानकारी दी थी। जिलाधिकारी डॉ. कैलाश शिंदे ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन कार्यक्रम लागू कर दिया गया है। इस अवधि में सभी औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि मछुआरों से चार जून तक समुद्र में न जाने को कहा गया है। ज्ञात हो कि वसई, पालघर, डहाणू और तलासरी तालुकाओं के २१,०८० ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।