" /> उत्साह और अवसर का पर्व है होली

उत्साह और अवसर का पर्व है होली

देश के लगभग हर हिस्से में होली का त्यौहार उत्साह के साथ मनाया जाता है। धार्मिक दृष्टि से इसका बहुत महत्व है। वर्षभर में आनेवाली त्रि-राशियों में से एक होली की रात्रि भी है, जिसमें किए गए सभी धार्मिक अनुष्ठान, मंत्र, जाप, पाठ आदि सिद्ध, अक्षुण्ण हो जाते हैं जिनका फल जीवनपर्यंत तक प्राप्त होता है। होली के त्‍यौहार को भाईचारे के प्रतीक के रूप में और खुशियां के त्यौहार के तौर पर भी देखा जाता है। इस दौरान कुछ आसान उपायों से आप अपनी किस्मत बदल सकते हैं।
होली के सरल उपाय
१) एक श्रीफल अर्थात नारियल, नींबू एक कागज की पुड़िया के अंदर राई (काली सरसो) के साथ बांध लें। कुछ नमक सादा या काला जो उपलब्ध हो उन सभी को एक साथ बांधें और पूरे मकान के अंदर सात बार घुमाएं जो बीमार रहते हैं, विविध प्रकार के जादू-टोने के चक्कर में आए हुए हों या कोई प्रेत बाधा के चक्कर में आए हुए हैं। उन सब के लिए सात-सात बार सिर से पैर तक उतार लेना चाहिए या घुमा लेना चाहिए। पूरे मकान के अंदर भी घुमाएं और अंदर से बाहर की ओर घुमाकर फिर रात्रि को जब होलिका दहन होता है। उसे होली के अंदर प्रवाहित कर दें। जिस तरह होलिका दहन होगी आपके कष्टों का भी निवारण जरूर होगा ये उपाय अपने ऑफिस या दुकान में भी कर सकते हैं।
२) घर के प्रत्येक सदस्य को होलिका दहन में देशी घी में भिगोई हुई दो लौंग, एक बताशा और एक पान का पत्ता अवश्य चढ़ाना चाहिए। होली की ग्यारह परिक्रमा करते हुए होली में सूखे नारियल की आहुति देनी चाहिए। इससे सुख-समृद्धि बढ़ती है और कष्ट दूर होता है।
३) होली पर पूरे दिन अपनी जेब में काले कपड़े में बांधकर काले तिल रखें। रात को जलती होली में उन्हें डाल दें। यदि पहले से ही कोई टोटका होगा तो वह भी खत्म हो जाएगा।
४) होली दहन के समय ७ गोमती चक्र लेकर भगवान से प्रार्थना करें कि आपके जीवन में कोई शत्रु बाधा न डाले। प्रार्थना के पश्चात पूर्ण श्रद्धा व विश्वास के साथ गोमती चक्र होली दहन में डाल दें।
५) होली दहन के दूसरे दिन होली की राख को घर में लाकर उसमें थोड़ी-सी राई व नमक मिलाकर रख लें। इस प्रयोग से भूतप्रेत या नजर दोष से मुक्ति मिलती है।
६) होली के दिन से शुरू करके बजरंग बाण का ४० दिन तक नियमित पाठ करने से हर मनोकामना पूर्ण होगी।
७) यदि व्यापार या नौकरी में उन्नति न हो रही हो तो २१ गोमती चक्र लेकर होली दहन के दिन रात्रि में शिवलिंग पर चढ़ा दें।
८) नवग्रह बाधा के दोष को दूर करने के लिए होली की राख से शिवलिंग की पूजा करें तथा राख मिश्रित जल से स्नान करें।
९) होलीवाले दिन किसी गरीब को भोजन अवश्य कराएं।
१०) होली की रात्रि को सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाकर पूजा करें व भगवान से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। इस प्रयोग से बाधा निवारण होता है।
११) यदि बुरा समय चल रहा हो तो होली के दिन पेंडुलमवाली नई घड़ी पूर्वी या उत्तरी दीवार पर लगाएं। परिणाम स्वयं देखें।
१२) राहु का उपाय – एक नारियल का गोला लेकर उसमें अलसी का तेल भरकर, उसी में थोड़ा-सा गुड़ डाले फिर उस नारियल के गोले को राहु से ग्रस्त व्यक्ति के अंगों से स्पर्श करवाकर जलती हुई होलिका में डाल दें। पूरे वर्ष राहु से परेशानी की संभावना नहीं रहेगी।
१३) मनोकामना की पूर्ति हेतु होली के दिन से शुरू करके प्रतिदिन हनुमान जी को पांच लाल पुष्प चढ़ाएं, मनोकामना शीघ्र पूर्ण होगी।
१४) होली की प्रात: बेलपत्र पर सफेद चंदन की बिंदी लगाकर अपनी मनोकामना बोलते हुए शिवलिंग पर सच्चे मन से अर्पित करें। बाद में सोमवार को किसी मंदिर में भोलेनाथ को पंचमेवा की खीर अवश्य चढ़ाएं, मनोकामना पूरी होगी।
१५) स्वास्थ्य लाभ हेतु मृत्यु तुल्य कष्ट से ग्रस्त रोगी को छुटकारा दिलाने के लिए जौ के आटे में काले तिल एवं सरसों का तेल मिला कर मोटी रोटी बनाएं और उसे रोगी के ऊपर से सात बार उतारकर भैंस को खिला दें। यह क्रिया करते समय ईश्वर से रोगी को शीघ्र स्वस्थ करने की प्रार्थना करते रहें।
१६) व्यापार लाभ के लिए होली के दिन गुलाल के एक खुले पैकेट में एक मोती शंख और चांदी का एक सिक्का रखकर उसे नए लाल कपड़े में लाल मौली से बांधकर तिजोरी में रखें, व्यवसाय में लाभ होगा।
१७) होली के अवसर पर एक एकाक्षी नारियल की पूजा करके लाल कपड़े में लपेट कर दुकान में या व्यापार स्थल पर स्थापित करें। साथ ही स्फटिक का शुद्ध श्रीयंत्र रखें। उपाय निष्ठापूर्वक करें, लाभ में दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि होगी।
१८) धनहानि से बचाव के लिए होली के दिन मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़कें और उस पर द्विमुखी दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय धनहानि से बचाव की कामना करें। जब दीपक बुझ जाए तो उसे होली की अग्नि में डाल दें। यह क्रिया श्रद्धापूर्वक करें, धनहानि से बचाव होगा।
१९) दुर्घटना से बचाव के लिए होलिका दहन से पूर्व पांच काली गुंजा लेकर होली की पांच परिक्रमा लगाकर अंत में होलिका की ओर पीठ करके पांचों गुंजाओं को सिर के ऊपर से पांच बार उतारकर सिर के ऊपर से होली में फेंक दें।
२०) होली के दिन प्रात: उठते ही किसी ऐसे व्यक्ति से कोई वस्तु न लें, जिससे आप द्वेष रखते हों। सिर ढंक कर रखें। किसी को भी अपना पहना वस्त्र या रूमाल नहीं दें। इसके अतिरिक्त इस दिन शत्रु या विरोधी से पान, इलायची, लौंग आदि न लें। ये सारे उपाय सावधानीपूर्वक करें, दुर्घटना से बचाव होगा। आत्मरक्षा हेतु किसी को कष्ट न पहुंचाएं, किसी का बुरा न करें और न सोचें। आपकी रक्षा होगी।
२१) अगर आपके घर में कोई शारीरिक कष्टों से पीड़ित है और उसको रोग छोड़ नहीं रहा है तो ११ अभिमंत्रित गोमती चक्र बीमार व्यक्ति के शरीर से २१ बार उतार कर होली की अग्नि में डाल दें, शारीरिक कष्टों से शीघ्र मुक्ति मिल जाएगी
२२) अगर बुध ग्रह आपकी कुंडली में संतान प्राप्ति में बाधा डाल रहा है तो किसी भी बच्चेवाली गरीब महिला को होलीवाले दिन से शुरू कर एक महीने तक हरी सब्जियां दें। माता वैष्णो देवी से संतान की प्रार्थना करें।
२३) शीघ्र विवाह हेतु : जो युवा विवाह योग्य हैं और सर्वगुण संपन्न हैं, फिर भी शादी नहीं हो पा रही है तो यह उपाय करें। होली के दिन किसी शिव मंदिर जाएं और अपने साथ १ साबूत पान, १ साबूत सुपारी एवं हल्दी की गांठ रख लें। पान के पत्ते पर सुपारी और हल्दी की गांठ रखकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके बाद पीछे देखे बिना अपने घर लौट आएं। यही प्रयोग अगले दिन भी करें। इसके साथ ही समय-समय पर शुभ मुहूर्त में यह उपाय किया जा सकता है। जल्दी ही विवाह के योग बन जाएंगे।