उद्धव ठाकरे का आह्वान : बैलेट पेपर से चुनाव कराओ, शंका ही दूर कर दो

चुनाव परिणाम का सही अंदाजा कोई नहीं लगा सकता। वातावरण एक होता है, अंदाज अलग-अलग होता है और परिणाम कुछ और ही आता है। कोई कहता है कि ईवीएम की जीत है। अगर ऐसा है तो शंका का पिशाच दूर करने के लिए बैलेट पेपर से चुनाव कराओ। अगर आपको खुद पर भरोसा है तो फिर डरते क्यों हो? खुले वातावरण में करा लो चुनाव, ऐसा आह्वान कल शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने किया।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणाम स्पष्ट होते ही कल शिवसेना भवन में उद्धव ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भाजपा, कांग्रेस और देवेगौड़ा, इन तीनों का अभिनंदन किया और कर्नाटक की जनता को शुभकामनाएं दीं। साथ ही चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि उनके लिए आनेवाला दिन अच्छा होगा।
हम पालघर जीतेंगे ही
पालघर उपचुनाव हम जीतेंगे ही, वनगा परिवार की जिस तरह से अवहेलना की गई है, उससे आहत होकर वे शिवसेना में आए। उस परिवार को न्याय दिलाने के लिए हम चुनाव लड़ रहे हैं। वह परिवार और खासकर चिंतामण राव ने २५-३० वर्ष एक विचारधारा को लेकर मेहनत की। इनकी अवहेलना कर अगर वहां दूसरे को उम्मीदवारी दी जाती है तो यह अन्याय ही है, ऐसा उद्गार शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने व्यक्त किया।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणाम स्पष्ट होते ही कल शिवसेना भवन में उद्धव ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत की।
जीत के पीछे की गुत्थी अब तक नहीं सुलझी
नोटबंदी, जीएसटी, पेट्रोल के लगातार बढ़ रहे दाम से देश में भाजपा के विरोध में वातावरण बना हुआ है, ऐसा कहा जाता है। इसके बावजूद उनकी ही जीत वैâसे हो रही है? इस सवाल के जवाब में उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह गुत्थी अभी तक नहीं सुलझी है। ईवीएम में घोटाले का आरोप लगाया जा रहा है। अरे यंत्र, तंत्र और मंत्र जो कुछ भी है उसका एक ही बार में पैâसला कर दो। भाजपा को कहना चाहिए कि तुम आरोप लगा रहे हो तो चलो, पूरे देश में एक ही बार में बैलेट पेपर से चुनाव हो ही जाने दो।
प्रधानमंत्री ने विदेश दौरे छोड़कर मेहनत की
कर्नाटक में राहुल गांधी ने भी मेहनत की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी विदेश दौरे छोड़कर वहां डटे रहे इसलिए उनका आभार मानना ही चाहिए और ५ से २५ सीटें आई होतीं तो थोड़ी कसर रह गई है वो भी नहीं रहती। हर एक ने अपनी-अपनी तरह से मेहनत की है। जो है, वह जनता का रुझान है, ऐसा भी उद्धव ठाकरे ने कहा।
२०१९ के चुनाव में जनता का अनुभव बोलेगा कई राज्यों में भाजपा विजयी हो रही है। इस सवाल के जवाब में उद्धव ठाकरे ने कहा कि हर एक चुनाव का परिणाम भिन्न-भिन्न होता है। उत्तर प्रदेश में बड़ी सफलता पाने के बाद भी उपचुनाव में वे हार गए। कर्नाटक में भाजपा को भले ही सफलता मिली हो लेकिन सत्ता कौन स्थापित करेगा, यह अभी कहा नहीं जा सकता। अभी तक कर्नाटक में कई वर्षों से भाजपा छोड़ अन्य पार्टियों की सत्ता थी इसलिए लोगों ने अभी तक उन पार्टियों का अनुभव लिया है, अब इनका अनुभव लोग लेंगे। जिन राज्यों में भाजपा की सत्ता नहीं होती, वहां उन्हें अच्छी जीत मिलती है लेकिन जिन राज्यों में भाजपा की सत्ता का अनुभव वहां की जनता ने लिया है, वहां उनका मत अलग हो सकता है। २०१९ या उसके बाद होनेवाले चुनाव में यह अनुभव बोलेगा।