" /> उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के एक्सीडेंटल मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि सक्षम मुख्यमंत्री हैं -मंत्री आदित्य ठाकरे

उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के एक्सीडेंटल मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि सक्षम मुख्यमंत्री हैं -मंत्री आदित्य ठाकरे

कोरोना वायरस के संकट के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर सवाल उठानेवाले विरोधियों की कल पर्यावरण मंत्री व शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने जमकर खबर ली। आदित्य ठाकरे ने कहा कि को लेकर शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि उद्धव ठाकरे एक्सीडेंटल मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के सक्षम मुख्यमंत्री हैं। इस संकट के दौरान मुंबई की तुलना किसी दूसरे शहर से करना गलत होगा। यह संयोग ही है कि कोरोना संकट के वक्त वो मुख्यमंत्री हैं और मुश्किल वक्त में वो महाराष्ट्र के लोगों की सेवा कर रहे हैं।

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का संकट लगातार गहराता जा रहा है। ऐसे में महाराष्ट्र किस तरह इस लड़ाई को लड़ रहा है, इस पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने एक मैगजीन को इंटरव्यू देते हुए ये बात कहीं। आदित्य ने कहा कि कोरोना संकट कितना भी हो आपको काम लगातार करना है, कुछ मामले ऐसे आते हैं जो डरा देते हैं। हमारी सरकार इस संकट में लगातार काम कर रही है, ऊपर से लेकर नीचे तक हर व्यक्ति आज काम कर रहा है। धारावी में अब लगातार मामले कम हो रहे हैं, हमें वायरस का पीछा करना पड़ेगा।
अपने पिता के मुख्यमंत्री बनने को लेकर आदित्य ठाकरे ने कहा कि उद्धव ठाकरे एक्सीडेंटल मुख्यमंत्री नहीं हैं, बल्कि सक्षम मुख्यमंत्री हैं महाराष्ट्र के। यह संयोग ही है कि कोरोना संकट के वक्त वो मुख्यमंत्री हैं और मुश्किल वक्त में वो महाराष्ट्र के लोगों की सेवा कर रहे हैं। कोरोना के मामलों को लेकर आदित्य ठाकरे ने कहा कि धारावी, वर्ली, मालेगांव जैसे इलाकों में अब मामले कम आने शुरू हो गए हैं लेकिन अभी भी संकट बना हुआ है, जो सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं पूरी दुनिया में है, हमें वायरस का पीछा करना पड़ेगा, बस यही एक रास्ता है। हमारा फोकस डबलिंग रेट को कम करने पर है, अब धारावी में 42 दिन में मामले दोगुने हो रहे हैं। मुंबई के पालक मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई जैसे शहर में किसी महामारी को लेकर बहुत चुनौती आती है। किसी दूसरे शहर से इसकी तुलना नहीं की जा सकती है, दुनिया के कई शहरों से मुंबई काफी अलग है। यहां के जमीनी हालात काफी अलग हैं, ऐसे में हमें क्वारंटाइन सेंटर बड़ी संख्या में बनाने पड़े। कुछ जगहों में पूरे परिवार को अलग-अलग क्वारंटाइन करना पड़ा। दुनिया का हर शहर जहां कितनी भी अच्छी स्वास्थ्य की व्यवस्था हो, वो कोरोना काल में संकट में आया है। मुंबई मनपा की ओर से लगातार तेजी से सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर लोगों को मदद जल्द से जल्द पहुंचाई जा सके। शिवसेना नेता ने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया और कहा कि हमारे यहां अभी करीब 16 एजेंसियां काम कर रही हैं, अगर विपक्ष का कोई नेता सवाल करता है तो मैं समझा सकता हूं कि मुंबई में किस तरह काम हो रहा है। किसी भी शहर या राज्य को पटरी में लाने में वक्त लगता है, कोई कहे कि एक दिन में ठीक हो जाएगा तो यह झूठ होगा।
भाजपा की ओर से लगातार उठाए जा रहे सवालों पर भी शिवसेना नेता ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आक्रामकता से कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। मुख्यमंत्री के साथ मिलकर हर मंत्री अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहा है। सोशल मीडिया और मीडिया में राजनीतिक लड़ाई दिख रही है, लेकिन हम इस चक्कर में न पड़कर हमने कोरोना के खिलाफ लड़ाई को जारी रखा है। शिवसेना नेता और मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई जैसे शहर में अगर जरूरी क्षेत्र को खोलना भी है तो लोकल ट्रेन को खोलना जरूरी हो जाता है, क्योंकि यहां वही ट्रांसपोर्ट का बड़ा साधन है। जब हम सरकार में आए तो हमारा लक्ष्य राज्य में विकास करने का था, लेकिन इस बीच कोरोना संकट आ गया। लॉकडाउन को लेकर आदित्य ठाकरे ने कहा कि लॉकडाउन को चार घंटे की नोटिस पर नहीं किया जा सकता, लॉकडाउन को प्लान करना जरूरी है। हमारी सरकार जबसे सत्ता में आई है, हमने काफी चुनौतियां झेली हैं। लेकिन हम अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहे हैं और लगातार काम कर रहे हैं।