" /> उद्योग क्षेत्र में है नया मौका : भूमिपुत्रों को दो फायदा- सुभाष देसाई

उद्योग क्षेत्र में है नया मौका : भूमिपुत्रों को दो फायदा- सुभाष देसाई

संकट के साथ अवसर आता है। कोरोना संकट ने उद्योग में कई अवसर पैदा किए हैं। भूमिपुत्रों को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए, इस काम में महाराष्ट्र सरकार तुम्हारे पीछे खड़ी है। भूमिपुत्रों के साहस के कारण ही हम कोरोना के संकट को मात देकर आगे जाएंगे, ऐसा विश्वास उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने व्यक्त किया।
‘ऑल इंडिया सारस्वत कल्चरल’ संगठन की ओर से ‘उद्योग क्षेत्रापुढील आव्हाने’ इस विषय पर आयोजित  सेमिनार में देसाई बोल रहे थे। इस अवसर पर संगठन के अजीत गुंजीकर, किशोर मासूरकर, नरेंद्र वझे, स्मिती गवाणकर आदि उपस्थित थे। इस समय पूरी दुनिया एक अलग संकट का सामना कर रही है। हर कोई सोच रहा है कि कोरोना महामारी के कारण आगे क्या होगा? लेकिन महाराष्ट्र सरकार और उद्योग विभाग इस संकट को दूर करने के लिए तैयार हैं। उद्योग विभाग ने संकट को दूर करने के लिए विभिन्न नीतियों और योजनाओं के साथ आगे आया है। भूमिपुत्रों को इसका लाभ उठाना चाहिए और महाराष्ट्र को औद्योगिक रूप से एक अलग स्तर पर ले जाने में सहयोग करने का आह्वान उद्योग मंत्री ने किया।
कोरोना संकट के कारण कई कंपनियां चीन से बाहर निकल रही हैं, उन्हें महाराष्ट्र में आकर्षित करने के लिए भूखंड, सड़क आदि सुविधा प्रदान किए जाने की तैयारी हैं। एमआईडीसी ने आने और शुरू करनेवाले उद्योग की अवधारणा को लागू करने के लिए नए उद्योगों के लिए तैयार शेड बनाने का भी निर्णय लिया गया है। उपकरण लाकर निवेशक सीधे उत्पादन शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा उद्योग शुरू करने के लिए आवश्यक विभिन्न लाइसेंसों की जांच को कम करके लाइसेंस प्रणाली शुरू की गई है। इसके अलावा बड़े निवेशकों के लिए उद्योग मित्र संकल्पना को अपनाया गया है। उद्योग शुरू होने के पहले दिन से उद्योग विभाग के एक अधिकारी उन निवेशकों के साथ उत्पादन शुरू होने तक सभी विषयों पर पत्र-व्यवहार आदि के लिए साथ रहकर सहयोग करेगा। अब निवेशकों को आगे आना चाहिए और उद्योग शुरू करना चाहिए, ऐसा आह्वान देसाई ने निवेशकों से किया। उद्योग में श्रमिकों की कमी न हो, इसके लिए एक लेबर एक्सचेंज ब्यूरो की स्थापना की जाएगी। इसके लिए जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी। श्रमिकों को पंजीकृत करके आवश्यकतानुसार उद्योगों को आपूर्ति की जाएगी।  इस समय एक अल्पकालिक प्रशिक्षण केंद्र भी शुरू किया जाएगा। महाराष्ट्र में श्रमिकों की कमी नहीं होगी। इसके अलावा असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को भी सरकार मदद करने को तैयार है, ऐसा देसाई ने बताया।
सत्तर हजार उद्योगों को स्वीकृति
स्वास्थ्य को प्रधानता
उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कहा कि राज्य में सत्तर हजार उद्योगों को शुरू करने की अनुमति दी गई है जबकि कोरोना की व्यापकता बढ़ रही है। पचास हजार उद्योग वास्तव में शुरू हो गए हैं। ऐसा करते समय सभी के जीवन का ध्यान रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी लोगों के जीवन और स्वास्थ्य को अधिक प्राथमिकता दी है। उन्होंने संबंधित कंपनियों को उद्योग में काम करनेवाले श्रमिकों का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया है।
केंद्र के पैकेज का सभी घटकों को होगा फायदा
केंद्र सरकार द्वारा घोषित पैकेज में उद्योगों के लिए कई रियायतें दी गई हैं। सेवा, विनिर्माण क्षेत्र को राहत मिली है। इसके साथ ही पर्यटन, परिवहन और अन्य उद्योगों के लिए बहुत बड़ा अवसर है। इसके लाभों को ध्यान से अध्ययन करके समझा जा सकता है  इसलिए सभी को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए, ऐसा आह्वान उद्योग मंत्री ने किया है।
दवा उत्पादन क्षेत्र के लिए जल्द ही फार्मा नीति
कोरोना संकट के दौरान फार्मास्यूटिकल क्षेत्र ने शानदार काम किया है। इस क्षेत्र ने स्वास्थ्य संबंधी वस्तुओं को प्रदान करने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। इस क्षेत्र को और अधिक प्रोत्साहन देने के लिए एक फार्मा नीति बनाई जाएगी। इस संबंध में जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी। फार्मा सेक्टर में उद्यमियों, सीईओ को आमंत्रित किया जाएगा।  इसके अलावा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के प्रतिनिधि इस बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक में चर्चा के बाद फार्मा क्षेत्र के लिए एक अच्छी नीति तैयार की जाएगी, ऐसा देसाई ने बताया।
उद्योगों के विकेंद्रीकरण के लिए निवेशकों को आगे आना चाहिए
मुंबई, पुणे और नासिक के गोल्डन ट्रायंगल में भारी औद्योगिक निवेश हुआ है। कोरोना के कारण इस क्षेत्र को सबसे अधिक फटका लगा है, ऐसी स्थिति से बचने के लिए सरकार ने उद्योगों के विकेंद्रीकरण पर जोर दिया है। निवेशकों को राज्य सरकार की नीति को समझनी चाहिए इसलिए उन्हें अपनी परियोजनाओं को बाहरी जिलों में शुरू करना चाहिए, ऐसा आह्वान देसाई ने निवेशकों से किया है।