उल्टी चाल बदनामी के डर को बनाया कमाई का हथियार

जीवन में सफलता के लिए मेहनत और ईमानदारी के साथ सकारात्मक प्रयास जरूरी होता है लेकिन कुछ लोग मेहनत किए बिना ऐश की जिंदगी जीने की तमन्ना रखते हैं, ऐसे लोग पैसे कमाने के लिए अक्सर उल्टे सीधे काम करने से भी बाज नहीं आते हैं, जिसका अंजाम जेल की सलाखें ही मिलती हैं। पैसे कमाने के लिए उल्टी चाल चलनेवाले ऐसे ही एक शातिर शैतान को मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की यूनिट ९ ने पिछले दिनों गिरफ्तार किया था। यह शैतान सोशल मीडिया में महिलाओं की डीपी (डिस्प्ले पिक्चर) को हथियार बनाकर उन्हें पैसे कमाने का प्रयास कर रहा था।

वर्सोवा पुलिस थाने की हद में रहनेवाली नफीसा (काल्पनिक नाम) के व्हॉट्सऐप अकाउंट पर पिछले दिनों एक अनजान शख्स ने कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें भेजी थीं। तस्वीरों में नग्न महिलाओं के शरीर पर अपना चेहरा देखकर नफीसा के होश उड़ गए थे। कुछ तस्वीरों में गैरमर्दों के साथ आपत्तिजनक अवस्थावाली महिला की तस्वीर में चेहरा बदलकर नफीसा का चेहरा लगाया गया था। तस्वीरों में नीचे अंग्रेजी में कॉलगर्ल और नफीसा का मोबइल नंबर लिखा था। ब्लैकमेलर इन तस्वीरों को सोशल मीडिया और पोर्न साइटों पर वायरल करने की धमकी देकर एक लाख रुपयों की मांग कर रहा था। वह बार-बार फोन पर मैसेज भेजकर और कॉल करके नफीसा को डरा रहा था।
शैतान के शिनाख्त की चुनौती
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश देसाई के मार्गदर्शन में पीआई आशा कोरके, सावंत, एपीआई जाधव, पीएसआई कोरे, अंबावडे की टीम लगातार १२ दिनों तक ब्लैकमेलर के मैसेज, उसके कॉल करने का समय और तरीके का अध्ययन करती रही। ब्लैकमेलर कॉल करने के बाद अपना फोन बंद कर देता था।
काल डिटेल से खुला राज
आरोपी फर्जी नाम एवं दस्तावेजों के सहारे हासिल किए गए मोबाइल नंबर से पीड़िता को फोन करता था। तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी शिनाख्त नहीं हो पा रही थी लेकिन महेश देसाई और उनकी टीम ने अपना प्रयास जारी रखा। देसाई की टीम ने आरोपी की कॉल डिटेल निकाली और उसमें मौजूद लोगों को फोन करना शुरू किया। पुलिस की यह युक्ति सफल हुई। आरोपी के कॉल रिकॉर्ड में दो और महिलाएं सामने आर्इं, जिन्हें आरोपी नफीसा की तर्ज पर ब्लैकमेल कर रहा था। इनमें एक महिला ठाणे जिले के विष्णुनगर पुलिस की हद में रहती थी तो दूसरी नवघर पुलिस थाने की हद में रहती थी।
बदनामी का डर
यूनिट-९ के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश देसाई ने बताया कि नवघर और विष्णुनगर पुलिस की हद में रहनेवाली महिलाएं जानती थीं कि ब्लैकमेलर द्वारा भेजी गर्इं तस्वीरें फर्जी हैं लेकिन वे यह भी जानती थीं कि लोगों को यह विश्वास दिलाना उनके लिए मुमकिन नहीं है, खुद उनके परिजन उन पर आसानी से विश्वास कर लेंगे, इस बात को लेकर वे आशंकाग्रस्त थीं। ऐसे में बदनामी की आग कहीं उनकी गृहस्थी बर्बाद न कर दे इस डर से उन महिलाओं ने पुलिस में शिकायत करना या परिजनों के समक्ष इस बात का जिक्र करने की बजाय ब्लैकमेलर की बात मानने को मजबूर हुर्इं।
अपने ही जाल में फंसा शिकारी
ब्लेकमेलर बहुत ही शातिर था, वह अपने जाल में फंसी नफीसा जैसी तमाम पीड़िताओं से पहले एक लाख रुपए मांगता था। यदि पीड़िता एकमुश्त रकम देने में असमर्थता जताती तो वह किश्तों में पैसे मांगता था। इस तरह अपने जाल में फंसी महिलाओं से थोड़े-थोड़े मगर बार-बार पैसे वसूलने की उसकी योजना थी। पैसे वसूलने के लिए वह शिकार महिला को रेलवे स्टेशन जैसी सार्वजनिक जगह पर बुलाता था और खुद वहां पहले ही पहुंचकर नजर रखता था ताकि पीड़ित महिला अपने साथ पुलिस या किसी और को तो नहीं लेकर आई है। जब उसे पूरा इत्मीनान हो जाता था तभी वह महिला के पास पैसा लेने जाता था। इसी तरह उसने एक पीड़िता को कुर्ला रेलवे स्टेशन बुलाया था लेकिन दुर्भाग्य से वहां पीड़िता से पैसे लेते समय ब्लैकमेलर का चेहरा सीसीटीवी वैâमरे में वैâद हो गया। उसी तस्वीर की मदद से देसाई की टीम ने ब्लेकमेलर को ढूंढ़ निकाला।
ऐप से खेलता था अनपढ़
आरोपी सिद्धार्थ सरोदे वैसे तो दसवीं फेल था लेकिन उसके खुराफाती दिमाग ने मोबाइल और तकनीकों के इस्तेमाल के मामले में उसे शैतान बना दिया था। वह अनजान महिलाओं के व्हॉट्सऐप अकाउंट से उनकी तस्वीरें चुराकर ‘पिक्स आर्ट्स’ ऐप के जरिए मॉर्फ करके पीड़ित महिलाओं को दोबारा भेजता था। उसने कई महिलाओं से इसी तरह पैसे वसूलने की बात पुलिस को बताई है। पुलिस ने आरोपी को दबोचा तो उसके पास से वह मोबाइल भी मिल गया, जिससे वह कॉल करता था तथा मैसेज भेजता था।

बीते कुछ सालों में सोशल मीडिया आधुनिक जीवन का एक अहम हिस्सा बन गई है। इसकी सहायता से आप अपने मित्रों एवं परिजनों के साथ आवश्यकतानुसार जुड़ सकते हैं लेकिन कुछ शैतान मौज-मस्ती के लिए तो कुछ कमाई के लालच में सोशल मीडिया का दुरुपयोग करके दूसरे लोगों के लिए मुसीबत खड़ी करते हैं। ऐसे शैतान ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक या व्हॉट्सऐप से महिलाओं की डीपी यानी प्रोफाइल पिक्चर में लगी तस्वीर को हथियार बनाते हैं। महिलाओं की तस्वीरों से छेड़छाड़ करके उन्हें ब्लैकमेल करते हैं इसलिए महिलाओं को सोशल मीडिया में अपनी तस्वीरों को लेकर सतर्क रहना चाहिए।