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उल्हासनगर मनपा मुख्यालय में पालकमंत्री का दौरा!

डॉक्टर, रुग्णवाहिका, डॉक्टर आदि की व्यवस्था करने के आयुक्त को दिए आदेश

उल्हासनगर में बढ़ते कोरोना मरीजों की रोकथाम के लिए रुग्णवाहिका, डॉक्टर, गुणवत्ता युक्त भोजन के साथ ही कोविड-19 के अस्पतालों को बढ़ाने का आदेश उमपा आयुक्त समीर उन्हाले को पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिया है।
उल्हासनगर में बढ़ते मरीजों की रोकथाम के लिए किए जा रहे इंतजामों का जायजा लेने पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने उमपा आयुक्त से जानकारी ली। मध्यवर्ती अस्पताल में कोविड-19 व सामान्य रोगियों के शव को एक ही जगह पर रखा जाता है, जिसके कारण कोरोना संक्रमण बढ़ने की संभावना को देखते हुए कोविड-19 के शव के लिए पर्यायी तौर पर दूसरा शवगृह बनाने, एमबीबीएस डॉक्टर को 45 हजार रुपए की बजाय 80 हजार रुपए, एमडी डॉक्टर को 2 लाख रुपए वेतन देने, कोविड अस्पताल में मरीजों को गर्म पानी की व्यवस्था करने, 8 रुग्णवाहिका में दो हार्ट या सीरियस मरीजों को ले आने, ले जाने के लिए सज्ज रुग्णवाहिका रखने के अलावा डॉक्टर को पौष्टिक भोजन, फल, विटामिन ए, बी, सी, डी मुहैया करने का आदेश दिए है। 15 डॉक्टर लोगों ने आवेदन किया हैं। डॉक्टर की कमी को देखते हए जल्द से जल्द ड्यूटी पर लेने का आदेश पालकमंत्री ने आयुक्त को दिए। उल्हासनगर के प्लेटिनम अस्पताल में 200 बिस्तर कोविड-19 मरीजों के लिए व्यवस्था करने के अलावा 1,000 बिस्तर का निर्माण करने हेतु योग्य पहल जल्द से जल्द करने के आदेश दिए। पालकमंत्री के साथ सांसद डॉक्टर श्रीकांत शिंदे, महापौर लीलाबाई आसान, अरुण आसान (नगरसेवक) के अलावा शिवसेना पदाधिकारी व नगरसेवक उपस्थित थे।
महापौर ने दिए पालकमंत्री को तीन निवेदन पत्र
उल्हासनगर की महापौर लीलाबाई आसान ने पालकमंत्री को तीन निवेदन पत्र दिए, जिनमें उल्हासनगर तीन स्थित मध्यवर्ती अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर सुधाकर देशमुख, जो मरीजों का उपचार करने में फेल हो रहे हैं, जिसके कारण काफी शिकायत मीडिया व व्यक्तिगत रूप में आ रही है। अतः उन्हें हटाकर अनुभवी व्यक्ति को उनकी जगह पर भेजा जाय।
कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते 10 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद करने की मांग के साथ ही उमपा का कार्यभार चलाने के लिए अतिरिक्त आयुक्त, उपायुक्त, नगररचनाकार, कर निबंधक व संकलक, सहायक आयुक्त की 13 पद मान्य है। पर सिर्फ 3 पद पर ही लोग है। 10 पद खाली पड़े हैं, जिसके चलते उमपा का कारोबार सुचारु रूप से चलाना मुश्किल हो गया है। तीनों निवेदन पत्र पर गंभीरता से विचार करते हुए योग्य निर्णय लेने की विनती महापौर ने पालकमंत्री एकनाथ शिंदे से की है।