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उसने सहारा दिया!

भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक चेतेश्वर पुजारा ने २०१७ में रांची में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच को एक बार फिर याद किया है। पुजारा ने उस मैच में रिकॉर्ड ५२५ गेंदों पर २०२ रनों की पारी खेली थी। गेंदों का सामना करने के लिहाज से किसी भारतीय बल्लेबाज की यह सबसे लंबी टेस्ट पारी थी। पुजारा ने सोनी टेन पिट स्टॉप पर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के बारे में कहा, ‘मुझे अभी भी उन्हें श्रेय देना होगा।’ उस मैच में ऑस्ट्रेलिया के स्टीव ओकीफे ने ७७ और नाथन लियोन ने ४६ ओवर फेंके थे। वहीं, तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने ३९ और जोश हेजलवुड ने ४४ ओवरों की गेंदबाजी की थी।

ऑस्टेलिया ने पहली पारी में ४५१ रन बनाए थे और भारत ने पुजारा के दोहरे शतक की मदद से नौ विकेट पर ६०३ रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी थी। पुजारा ने उस पारी में ११ घंटे (६७२ मिनट) तक बल्लेबाजी की थी और उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा के साथ १९९ रन जोड़े थे। साहा ने भी शतक लगाया था। पुजारा ने कहा, ‘वे पूरे समय दौड़ते ही रहे और हमें आउट करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देते रहे। लेकिन साहा के साथ हुई साझेदारी महत्वपूर्ण थी।’ उन्होंने कहा, ‘उनके बिना मुझे नहीं लगता है कि हम इतने बड़े स्कोर बना पाते। लेकिन साथ ही उस समय पिच पर गेंदबाजों के लिए कुछ भी नहीं था। बल्लेबाज को छकाने के लिए ऑस्टेलियाई गेंदबाजों को अतिरिक्त गति की जरूरत थी।’ पुजारा ने कहा, ‘इसलिए यह उनके लिए बहुत मुश्किल था। एक बल्लेबाज के रूप मुझे इस तरह की चुनौती पसंद है। अंत में जब हमने ५०० से अधिक रन बना दिए तो उनकी आखों में थकान देखी जा सकती थी।’