एक्सप्रेस के लुटेरों के सूत्रधार फेरीवाले

लंबी दूरी के एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों को लूटनेवाले लुटेरों के सूत्रधार फेरीवाला होने की बात सामने आई है। हाल ही में कुशीनगर एक्सप्रेस और आंध्रप्रदेश के काकीनाड़ा एक्सप्रेस में हुई लूट की वारदात में यह बात सामने आई है। इसके बावजूद मध्य रेलवे का सुरक्षा आयुक्तालय आंखें मूंदकर बैठा है।
बता दें कि गत माह कुशीनगर एक्सप्रेस और आंध्र प्रदेश से साईनगर चलनेवाली काकीनाड़ा एक्सप्रेस में यात्रियों को लूटा गया था। यात्रियों को लूटनेवाले इन लुटेरों की धर-पकड़ की गई तो कुशीनगर एक्सप्रेस मामले में लुटेरे फेरीवाले निकले। जांच में पाया गया कि ये लुटेरे इगतपुरी रेलवे स्टेशन परिसर में फेरी का धंधा करते थे, जबकि काकीनाड़ा एक्सप्रेस में लुटेरों के सूत्रधार फेरीवाले सामने आए। इतना ही नहीं, मनमाड में गोदान एक्सप्रेस में एक यात्री को लूटने के मामले में भी फेरीवालों का हाथ होने की बात सामने आई है। सूत्रों की मानें तो कल्याण से बुरहानपुर तक लुटेरों का एक संगठित गिरोह सक्रिय है। इन संगठित गिरोह के सदस्यों में वे फेरीवाले भी हैं, जो एक्सप्रेस ट्रेनों में फेरी का धंधा करते हैं। बताया जाता है कि बिना रोक-ठोक रेलवे और रेल परिसर में धंधा करनेवाले कुछ फेरीवाले ट्रेन व रेल परिसर में मौजूद यात्रियों की रेकी करते हैं। रेकी का काम कल्याण से ही शुरू हो जाता है। फेरीवालों की निशानदेही पर लुटेरे बुरहानपुर आने तक यात्रियों को लूट लेते हैं। हालांकि इन घटनाओं से अवगत मध्य रेलवे के सुरक्षा आयुक्तालय को ‘आरएसएस’ नामक संगठन ने अपने पत्र से दोबारा अवगत कराया। कार्रवाई के नाम पर आरपीएफ ने उन्हें रटा-रटाया जवाब दे डाला। अपने रटे-रटाए जवाब में आरपीएफ ने अवैध फेरीवालों पर निरंतर कार्रवाई किए जाने का कागज उन्हें थमा दिया है। इतना ही नहीं, आरपीएफ के पुलिस महानिरीक्षक ए. के. श्रीवास्तव के मातहत काम करनेवाले एक अधिकारी ने तो इन फेरीवालों पर १०० प्रतिशत लगाम लगने पर असमर्थता दर्शायी।