एक ‘इंच’ के ईको फ्रेंडली बाप्पा

टैलेंट हर किसी में होता है बस उसे प्रत्यक्ष रूप से समाज के सामने किसी न किसी जरिए प्रस्तुत करना होता है। कल से श्री गणेशोत्सव की शुरुआत हो रही है। हर गणेशभक्त बाप्पा के आगमन के इंतजार में है लेकिन मुंबई में रहनेवाले चंद्रकांत बामने बाप्पा के आगमन को लेकर इन दिनों कुछ ज्यादा ही उत्साहित हैं। दरअसल बीकॉम की पढ़ाई कर एक निजी फर्म में काम करनेवाले चंद्रकांत ने गणपति बाप्पा की ईको फ्रेंडली मूर्ति बनाई है। अब आप कुछ अलग सोचें इससे पहले हम आपको बता दें कि चंद्रकांत ने इंच-इंच में बाप्पा की मूर्ति बनाई है और यही इस मूर्ति की खासियत है, जिसे देखकर इन दिनों हर कोई चौंक गया है। उन्होंने बाप्पा की एक इंच मूर्ति मिट्टी, प्लास्टर ऑफ पेरिस या फिर सांचे का इस्तेमाल कर नहीं बनाई है बल्कि इसे स्लाइट पर लिखनेवाले चॉक (खडू) से बनाया है। एक इंच की बनाई गई गणेश मूर्ति वाकई में आकर्षक है। बाप्पा की एक इंच मूर्ति के अलावा उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और शिर्डी के श्री साई बाबा की भी मूर्ति को एक इंच का रूप दिया है। चंद्रकांत बामने ने `दोपहर का सामना’ को बताया कि उन्हें किसी भी बड़ी चीज को एक छोटा आकर देने की चाह है। उन्हें मूर्तियों को छोटा रूप देने में बड़ा ही आनंद महसूस होता है। बामने बताते है कि वो गणेश की मूर्ति हर साल बनाते हैं और गणेशोत्सव के दौरान अपने घर पर स्थापित कर ११ दिन बाप्पा की पूजा-अर्चना करते हैं। वो समाज में लोगों को सीख देते हैं कि जितना हो सके बाप्पा के भक्तों को छोटी से छोटी मूर्ति स्थापित करनी चाहिए ताकि पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचे।