एक लड़की से हिला इस्लाम!, सकते में सऊदी

इस्लाम की कट्टरता किसी से छिपी नहीं है। दूसरे शब्दों में कहें तो इस्लाम एक ऐसा धर्म है जिसे अपने कट्टरपन पर खासा गर्व है। इस्लाम की उत्पत्ति सऊदी अरब से हुई है और वहां आज भी इस्लामी मान्यताओं का काफी कड़ाई से पालन किया जाता है। महिलाओं के लिए तो नियम-कानून वहां कुछ ज्यादा ही सख्त हैं। बिना बुरका डाले कोई महिला बाहर नहीं निकल सकती। महिला को वहां कार तक चलाने की इजाजत नहीं थी और हाल ही में वहां की सरकार ने उन्हें इसकी अनु

मति दी है। ऐसे में सोचा जा सकता है कि उस समाज में महिलाएं कितनी घुट-घुट कर जीती होंगी। सऊदी में इस्लाम इतनी सख्ती से लागू किया गया है कि कोई पुरुष भी वहां इसके खिलाफ नहीं जा सकता। ऐसे में एक सऊदी लड़की ने इस्लाम को हिला डाला है। उसकी इस हरकत से पूरा सऊदी अरब सकते में है।
सऊदी अरब में जेद्दा की रहनेवाली लड़की राहफ अल-कुनुन मोहम्मद ने इस्लाम के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद किया है। उसने न सिर्फ इस्लाम छोड़ा बल्कि अब सऊदी से भी भाग निकली है। उसे बैंकॉक में जब पकड़ा गया तो उसने शरण देने की गुहार लगाई और वहां के अधिकारियों से कहा कि उसे वापस न भेजें वरना सऊदी में उसे जान से मार दिया जाएगा। राहफ फिलहाल बैंकॉक पुलिस व वहां के अधिकारियों के संरक्षण में बैंकॉक में एयरपोर्ट के पास स्थित एक होटल में रह रही है। उसने ट्विटर पर अपील की है कि उसकी हालत देखकर उसे बचाया जाए। तुरंत उसके ट्वीट लाखों की संख्या में रीट्वीट हो गए और ‘सेव राहफ’ ट्रेंड करने लगा। बैंकॉक के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और कहा है कि वे राहफ को सऊदी अरब डिपोर्ट नहीं करेंगे।
बैंकॉक एयरपोर्ट पर १८ साल की सऊदी अरब की लड़कीr को पकड़ा गया। राहफ अल-कुनून मोहम्मद नाम की इस लड़की का कहना है कि वह वापस अपने देश नहीं जाना चाहती और उसे भेजा गया तो उसकी हत्या हो जाएगी। अमीर परिवार से ताल्लुक रखनेवाली राहफ के पिता बिजनसमैन हैं। लड़की का कहना है कि वह नास्तिक है जबकि उसका परिवार कट्टर मुसलमान और परिवार की कठोर पाबंदी से बचने का उसके पास यही एक रास्ता है। इसी कारण वह इस्लाम की बेड़ियां तोड़कर सऊदी से भाग निकली।
राहफ ने ट्वीट किया, ‘मैं अकेले रह सकती हूं, स्वतंत्र और उन सब लोगों से दूर जो मेरी गरिमा का और मेरे औरत होने का सम्मान नहीं करते। मेरे साथ परिवार ने हिंसक व्यवहार किया और मेरे पास इसके पर्याप्त सबूत हैं।’ राहफ ने सिलसिलेवार कई ट्वीट किए हैं और कई लोगों से मदद की गुजारिश की। संयुक्त राष्ट्र से भी राहफ ने अपने लिए शरण देने की मांग की। राहफ ने कहा, ‘मैं नास्तिक हूं और मेरे पास परिवार से भागने के लिए यही अकेला रास्ता है। एक बार मैंने अपने बाल कटवा लिए थे, जिसके बाद मुझे ६ महीने तक घर में बंद करके परिवार ने रखा। मेरी पैâमिली बहुत सख्त है और मैं उस जीवन से छुटकारा चाहती हूं।’ घर से भागने के बारे में उसने कहा, ‘मैं कुवैत तक कार से एक फैमिली हॉलिडे के लिए आई थी। सुबह के ४ बज रहे थे और मैंने देखा कि मेरे परिवार के सारे लोग सो रहे हैं। मुझे लगा कि मेरे पास यही एक आखिरी मौका है इस वैâद से छुटकारा पाने का। मैंने ऑस्ट्रेलिया का टिकट लिया क्योंकि वहां का टूरिस्ट वीजा मिलना काफी आसान होता है। मेरा लक्ष्य था कि ऑस्ट्रेलिया पहुंचकर मैं अपने लिए शरण देने की मांग करूंगी।’
लड़की ने बताया कि फोन के जरिए वह कई वकीलों के संपर्क में है, लेकिन सोमवार की सुबह तक उसे किसी से सकारात्मक जवाब नहीं मिला। कुवैत एयरलाइन के जरिए बैंकॉक पहुंचने के बाद उसका पासपोर्ट वापस ले लिया गया है। राहफ ने बताया, ‘मैं १६ साल की थी जब मैंने इस्लाम छोड़ दिया था। यह मेरे परिवार को पता नहीं है। उन्हें जैसे ही यह पता चलेगा तो वे लोग मुझे मार डालेंगे।’